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कैलाश मकवाना बने मध्यप्रदेश के नए डीजीपी: देर रात जारी हुआ आदेश

कैलाश मकवाना बने मध्यप्रदेश के नए डीजीपी: देर रात जारी हुआ आदेश

भोपाल, 24 नवंबर 2024 – मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग का नेतृत्व अब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना संभालेंगे। उन्हें राज्य का 32वां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 नवंबर को विदेश यात्रा से पहले उनके नाम को मंजूरी दी, जिसके बाद गृह विभाग ने शनिवार देर रात इस संबंध में आदेश जारी किए।

मकवाना 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। वह 1 दिसंबर 2024 से प्रदेश के डीजीपी का पदभार ग्रहण करेंगे। उनका कार्यकाल दो वर्षों का होगा। वे सुधीर सक्सेना का स्थान लेंगे, जो 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

ईमानदार अधिकारी की छवि और प्रशंसा

कैलाश मकवाना को उनकी ईमानदार और निष्पक्ष छवि के लिए जाना जाता है। उन्होंने वर्ष 2021 में लोकायुक्त पुलिस में बतौर डीजी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कई महत्वपूर्ण भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोला। उनकी कार्यशैली ने कई उच्च पदस्थ अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया। हालांकि, इसी दौरान उन्हें लोकायुक्त एनके गुप्ता से मतभेदों के चलते दिसंबर 2022 में पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन भेजा गया।

सीआर विवाद और मुख्यमंत्री का समर्थन

लोकायुक्त में रहते हुए उनकी गोपनीय चरित्रावली (सीआर) को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष अपील की, जिसके बाद उनकी सीआर सुधारी गई। मुख्यमंत्री ने उनके प्रदर्शन को सराहते हुए 10 में से 10 अंक दिए, जो उनके प्रति सरकार के भरोसे को दर्शाता है।

शिक्षा और सेवा यात्रा

मूल रूप से उज्जैन के निवासी कैलाश मकवाना ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई और एमटेक की डिग्री हासिल की है। 1988 में सेवा शुरू करने के बाद उन्होंने दंतेवाड़ा, बस्तर, मंदसौर, बैतूल, और मुरैना जैसे संवेदनशील जिलों में एसपी के रूप में उत्कृष्ट कार्य किया। इसके अलावा, रायपुर और जबलपुर में एडिशनल एसपी रहते हुए उन्होंने अपराध नियंत्रण और प्रशासन में प्रभावी योगदान दिया।

डीजीपी के चयन का पैनल और प्रक्रिया

इस पद के लिए अरविंद कुमार, कैलाश मकवाना, और अजय शर्मा के नामों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 21 नवंबर को दिल्ली में आयोजित बैठक के बाद तैयार किया था। हालांकि, मकवाना और अजय शर्मा के नाम सबसे आगे थे। अंततः मुख्यमंत्री की प्राथमिकता और मकवाना की बेदाग छवि ने उन्हें इस पद के लिए चुने जाने में अहम भूमिका निभाई।

मध्यप्रदेश के लिए क्या है अपेक्षाएं?

मकवाना के डीजीपी बनने से प्रदेश के पुलिस बल में नई ऊर्जा और सख्त अनुशासन की उम्मीद की जा रही है। उनके नेतृत्व में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की रणनीतियों पर जोर दिया जाएगा।

भविष्य की चुनौतियां और प्राथमिकताएं

कैलाश मकवाना के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, माफिया गतिविधियों और संगठित अपराधों पर लगाम कसने की होगी। साथ ही, खनिज और शराब माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई उनकी प्राथमिकताओं में रहेगी।

समर्पित नेतृत्व से नई दिशा की उम्मीद

मध्यप्रदेश के डीजीपी के रूप में मकवाना के कार्यकाल को लेकर उम्मीद है कि उनका नेतृत्व पुलिस बल को आधुनिक तकनीक से लैस करने और जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। “ईमानदारी, कार्यकुशलता और दृढ़ता” उनके प्रशासन का मूलमंत्र होगा।

“मध्यप्रदेश की सुरक्षा और अपराधमुक्त समाज के निर्माण में मकवाना का चयन एक दूरदर्शी निर्णय है, जो प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”

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