सीधी: दिव्यांग छात्रावास में 14 बच्चे फूड प्वाइज़निंग के शिकार, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
सीधी, 30 नवंबर 2024: जिले के दिव्यांग छात्रावास मधुरी में रहने वाले 14 बच्चों को फूड प्वाइज़निंग के कारण जिला चिकित्सालय सीधी में भर्ती कराया गया। इन बच्चों की उम्र 8 से 15 वर्ष के बीच है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. दीपरानी ईसरानी ने बताया कि सभी बच्चों का स्वास्थ्य स्थिर है, और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है।
घटना का विवरण
बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने के बाद तुरंत अस्पताल लाया गया। डिहाइड्रेशन के कारण दो बच्चों को ड्रिप लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह घटना खाने में किसी दूषित वस्तु के सेवन के कारण हुई हो सकती है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
सीधी कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी ने घटना का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर नजर बनाए रखने और बच्चों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
- उपखंड अधिकारी गोपद बनास श्री नीलेश शर्मा और सिविल सर्जन को छात्रावास और अस्पताल की निगरानी सौंपी गई है।
- कलेक्टर ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि समस्या की जड़ तक पहुंचा जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अस्पताल में भर्ती बच्चों की स्थिति
सिविल सर्जन ने बताया कि:
- सभी बच्चों का इलाज बच्चा वार्ड में चल रहा है।
- डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य निगरानी कर रही है।
- किसी भी बच्चे की स्थिति गंभीर नहीं है।
जांच और संभावित कारण
प्रारंभिक जांच में, बच्चों की बीमारी का कारण उनके द्वारा खाए गए भोजन को माना जा रहा है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा टीम को छात्रावास भेजा गया है।
आगे की कार्रवाई
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि:
- भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए।
- सभी छात्रावासों में स्वास्थ्य और स्वच्छता मानकों का पालन हो।
- फूड प्वाइज़निंग की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
फूड प्वाइज़निंग की यह घटना चिंताजनक है, लेकिन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को नियंत्रण में रखा है। बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, और कलेक्टर द्वारा जांच और सुधार के लिए दिए गए निर्देश भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में सहायक होंगे।









