खनन में लगे ओवरलोड डंपरों पर कार्रवाई के निर्देश: सतना कलेक्टर को हाईकोर्ट का आदेश
जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सतना जिले में खनन के लिए उपयोग में लाए जा रहे ओवरलोड डंपरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में खनन गतिविधियों के कारण स्कूल के बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को रेखांकित किया गया था।
याचिका का विषय: बच्चों की सुरक्षा को खतरा
विश्व हिंदू पारस शिक्षा समिति के अध्यक्ष संजीव सिंह द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि सतना जिले के ग्राम सीजहटा स्थित स्कूल के सामने से खनन क्षेत्र तक जाने वाली पीडब्ल्यूडी रोड से तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहन गुजरते हैं। इन वाहनों के कारण स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की जान को खतरा है। याचिका में यह भी बताया गया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
हाईकोर्ट के निर्देश
हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए सतना कलेक्टर को दो सप्ताह के भीतर ओवरलोड मालवाहक वाहनों पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया जाना आवश्यक है।
आवेदन के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
याचिकाकर्ता ने शिकायत के तौर पर कलेक्टर और एसडीएम को कई आवेदन दिए थे, लेकिन अधिकारियों द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस उपेक्षा के कारण हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल ने पैरवी की।
न्यायालय की प्राथमिकता: बच्चों की सुरक्षा
हाईकोर्ट ने सतना प्रशासन को इस बात का संज्ञान लेने को कहा है कि स्कूल समय में ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाए। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और सड़कों पर बढ़ते खतरों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सतना जिले में खनन गतिविधियों और ओवरलोड वाहनों की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। हाईकोर्ट का यह आदेश न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि सतना कलेक्टर इस आदेश का पालन कैसे और कितनी जल्दी करते हैं।









