Sidhi:ट्रांसफार्मर सुधारने के दौरान करंट लगने से विद्युतकर्मी की मौत
सीधी। विद्युत वितरण केंद्र मझौली अंतर्गत ग्राम छुही हाट बाजार के पास ट्रांसफार्मर सुधारते समय करंट लगने से एक विद्युतकर्मी की मौत हो गई। मृतक को पहले जिला अस्पताल सीधी और फिर रीवा रेफर किया गया, जहां घटना के लगभग 5 घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक पुष्पेंद्र द्विवेदी (24), निवासी गंगेई, थाना मझौली, लगभग 5 वर्षों से बिजली विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। 8 दिसंबर को दोपहर लगभग 11:52 बजे छुही हाट बाजार के पास ट्रांसफार्मर में खराबी आने की सूचना पर वह उसे सुधारने गया। सुधार कार्य के दौरान अचानक बड़ी लाइन का करंट ट्रांसफार्मर में आ गया, जिसके कारण पुष्पेंद्र झटका लगने से नीचे गिरकर बेहोश हो गया।
अस्पताल में मौत
गंभीर हालत में उसे तुरंत जिला अस्पताल सीधी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद रीवा रेफर कर दिया। रीवा अस्पताल में उपचार के दौरान घटना के लगभग 5 घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया।
स्टेशन ऑपरेटर की लापरवाही का आरोप
घटना को लेकर विभागीय लापरवाही के आरोप भी सामने आए हैं। जानकारों के मुताबिक, किसी भी लाइन या ट्रांसफार्मर पर कार्य करने से पहले संबंधित स्टेशन ऑपरेटर से “परमिट” लिया जाता है, और कार्य पूर्ण होने तक उस लाइन की बिजली बंद कर दी जाती है।
हालांकि, इस घटना में यह सवाल उठ रहा है कि क्या परमिट के बावजूद ऑपरेटर ने समय पर लाइन बंद नहीं की? यदि ऐसा है, तो यह लापरवाही का गंभीर मामला है, जिसकी वजह से पुष्पेंद्र को अपनी जान गंवानी पड़ी।
परिवार में शोक की लहर
पुष्पेंद्र द्विवेदी के असामयिक निधन से उसके परिवार और सहयोगियों में शोक व्याप्त है। घटना ने बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच की मांग
परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की अपील की है।
विभाग की जिम्मेदारी
यह घटना बिजली विभाग में सुरक्षा प्रोटोकॉल और कार्य प्रणाली में लापरवाही को उजागर करती है। यदि समय रहते ऑपरेटर द्वारा उचित कदम उठाए जाते, तो शायद यह हादसा टल सकता था। विभाग को इस घटना से सबक लेकर अपनी प्रक्रियाओं को और सख्त बनाने की जरूरत है।
आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।









