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एसडीएम का ड्राइवर डेढ़ लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया,

एसडीएम का ड्राइवर डेढ़ लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया, एसडीएम की भूमिका संदिग्ध

जबलपुर।
शहपुरा भिटौनी के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) नदीमा शीरी के ड्राइवर और भृत्य सुनील कुमार पटेल को लोकायुक्त पुलिस ने डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत की राशि को जब्त कर लिया है।

इस मामले में एसडीएम की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इसके चलते उन्हें शहपुरा तहसील से हटाकर कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।


मामले का विवरण

लोकायुक्त एसपी संजय साहू ने बताया कि शहपुरा तहसील के खमदेही गांव निवासी संग्राम सिंह ने रिश्वत की शिकायत की थी।

  • शिकायत का कारण: खमदेही गांव में संग्राम सिंह के रिश्तेदार की एक एकड़ जमीन पर किसान बासमती धान का भंडारण करते हैं। 28 अक्टूबर को तहसीलदार ने निरीक्षण कर पंचनामा बनाया था।
  • इसके बाद एसडीएम ने संग्राम सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
  • नोटिस का समाधान करवाने के लिए एसडीएम के चपरासी सुनील कुमार पटेल ने तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी।

लोकायुक्त की कार्रवाई

शिकायत के बाद लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई की।

  • शिकायत के सत्यापन के लिए कॉल रिकॉर्डिंग की गई।
  • मंगलवार को रिश्वत की आधी राशि (1.5 लाख रुपये) लेने के लिए धनवंतरी नगर में जाल बिछाया गया।
  • सुनील कुमार पटेल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।

एसडीएम की भूमिका पर सवाल

जांच में सामने आया है कि सुनील कुमार पटेल, जो कि मूल रूप से चपरासी है, एसडीएम का ड्राइवर भी बन गया था।

  • आरोपी लोगों के मामलों को रफा-दफा करवाने में शामिल था।
  • लोकायुक्त और प्रशासन को संदेह है कि इतनी बड़ी रिश्वत केवल भृत्य अकेले नहीं ले सकता।

प्रशासन की कार्रवाई

  • अपर कलेक्टर ने सुनील कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
  • शहपुरा तहसील की एसडीएम नदीमा शीरी को उनके पद से हटाकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैच किया गया है।
  • नया प्रभार: शहपुरा तहसील का प्रभार डिप्टी कलेक्टर कुलदीप पाराशर को सौंपा गया है।

लोकायुक्त की जांच जारी

लोकायुक्त पुलिस ने एसडीएम की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। पहले भी इस तरह की शिकायतें कलेक्ट्रेट तक पहुंच चुकी हैं। प्रशासन का मानना है कि सुनील कुमार केवल एक मोहरा हो सकता है और इस मामले में गहराई से जांच की आवश्यकता है।

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