सीधी में लोकायुक्त का छापा,नायब तहसीलदार 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
सीधी, 21 दिसंबर 2024:
लोकायुक्त टीम ने आज सुबह सीधी जिले के मझौली तहसील में एक बड़ी कार्रवाई की। 25000 रुपये की रिश्वत लेते हुए नायब तहसीलदार बाल्मिक साकेत को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी नायब तहसीलदार पर आरोप है कि उसने जमीन के नामांतरण के लिए शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से 7000 रुपये एडवांस के रूप में पहले ही ले चुका था।
रिश्वत लेने की पूरी कहानी
हेड कांस्टेबल मुकेश मिश्रा ने बताया कि शिकायतकर्ता वीरेंद्र शुक्ला ने लोकायुक्त कार्यालय में नायब तहसीलदार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के मुताबिक, नायब तहसीलदार साकेत ने वीरेंद्र शुक्ला से उनकी जमीन का नामांतरण कराने के बदले 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पहले आरोपी ने 7000 रुपये एडवांस के रूप में ले लिए थे और शेष रकम बाद में देने के लिए कहा था।
लोकायुक्त टीम की कार्रवाई
इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की और रंगे हाथ पकड़ने के लिए एक योजना बनाई। लोकायुक्त के डीएसपी त्रिवेंद्र कुमार के नेतृत्व में 16 सदस्यीय एक टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आज सुबह करीब 10 बजे टीम ने नायब तहसीलदार के आवास पर छापा मारा और उसे रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
नायब तहसीलदार की गिरफ्तारी
लोकायुक्त की टीम ने आरोपी नायब तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी साकेत को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
लोकायुक्त की कड़ी कार्रवाई की सराहना
इस कार्रवाई के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। लोगों ने इस कदम की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीधी जिले में लोकायुक्त की इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर संघर्ष किया जा रहा है। लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि अब किसी भी सरकारी अधिकारी को रिश्वतखोरी के आरोप में बख्शा नहीं जाएगा।








