Re. No. MP-47–0010301

मध्यप्रदेश में जल्द हटेगा 65 हजार कर्मचारियों के तबादले पर लगा प्रतिबंध 

मध्यप्रदेश में जल्द हटेगा 65 हजार कर्मचारियों के तबादले पर लगा प्रतिबंध 

भोपाल, 5 जनवरी 2025
मध्यप्रदेश में दो वर्षों से 65 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले पर लगा प्रतिबंध जल्द ही समाप्त होने जा रहा है। चुनावी आचार संहिता और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह प्रतिबंध लागू किया गया था। अब सरकार मार्च से इसे हटाने की योजना बना रही है, हालांकि कलेक्टर, कमिश्नर और अन्य अधिकारियों के तबादले जनवरी से ही शुरू हो सकते हैं।

मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन है प्रमुख कारण
6 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारियों के तबादले की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रतिबंध हटने के बाद करीब 65 हजार कर्मचारियों के तबादले की संभावना है।

चुनावी प्रक्रिया के कारण थे सीमित तबादले
2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार ने तबादला नीति लागू नहीं की थी। तब से केवल मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से विशेष मामलों में तबादले किए जा रहे थे। चुनाव के बाद से मंत्री और जनप्रतिनिधि तबादला नीति की मांग कर रहे थे।

मार्च से हटेगा प्रतिबंध, सीमित संख्या में तबादले
सूत्रों के अनुसार, मार्च से तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाया जाएगा। हालांकि, मंत्रियों को सीमित संख्या में तबादले करने का अधिकार दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री अपने प्रभार के जिले में पूरे अधिकार के साथ तबादला कर सकेंगे।

जन कल्याण अभियान का प्रदर्शन बनेगा आधार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह संकेत दिया है कि जिन अधिकारियों का प्रदर्शन मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान में बेहतर रहा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पदस्थ किया जाएगा। इसके लिए प्रदर्शन के साथ जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय को भी आधार बनाया जाएगा।

मंत्रालय में भी बदलाव की तैयारी
मंत्रालय स्तर पर भी अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा एक फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे उनके स्थान पर नए अधिकारियों की नियुक्ति होगी। इसके अलावा, सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

तबादलों से प्रशासनिक स्थिरता की उम्मीद
तबादला नीति लागू होने से प्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता आने की उम्मीद है। लंबे समय से प्रतीक्षारत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह राहत की खबर है।

Advertisement

Leave a Comment

error: Content is protected !!