मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक: युवाओं और किसानों के लिए बड़े फैसले
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई साल 2025 की पहली कैबिनेट बैठक में युवाओं को रोजगार देने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में 12 जनवरी से “स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन” शुरू करने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए सांची ब्रांड को राष्ट्रीय पहचान दिलाने जैसे प्रस्तावों पर मुहर लगी।
युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन
बैठक में 12 जनवरी, स्वामी विवेकानंद जयंती से “स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन” शुरू करने का फैसला किया गया। इस मिशन के तहत युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि राज्य में युवाओं को रोजगार देने, उनकी क्षमता बढ़ाने और उन्हें रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए मिशन मोड पर काम किया जाएगा।
मिशन की खास बातें
- युवाओं को कोचिंग: एससी, एसटी और अन्य वर्ग के युवाओं को उच्च स्तरीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
- संवाद और कौशल विकास: युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर उनकी क्षमता और कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा।
- विभागीय भागीदारी: शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास, युवा कल्याण विभाग इस मिशन को क्रियान्वित करेंगे।
- रोजगार सृजन: राज्य के सभी मंत्री अपने विभागों में रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करेंगे।
दूध उत्पादन और सांची ब्रांड की ब्रॉन्डिंग
बैठक में किसानों की आय दोगुनी करने और राज्य के दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सांची ब्रांड को मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया। सांची ब्रांड की राष्ट्रीय पहचान बनाने के लिए प्रोफेशनल्स को जोड़ा जाएगा।
दूध उत्पादन बढ़ाने की योजना
- हर गांव में दुग्ध समितियां: राज्य के 53,000 गांवों में दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी।
- संचालन क्षमता में वृद्धि: वर्तमान में 10 लाख लीटर दूध संकलन को 20 लाख लीटर तक ले जाने का लक्ष्य।
- लोन सुविधा: किसानों को पशुधन खरीदने के लिए सहकारी क्षेत्र के माध्यम से लोन दिया जाएगा।
- 5 साल में 1500 करोड़ का निवेश: दूध उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में 5 साल के भीतर 1500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
केंद्र से फंड के लिए योजना
बैठक में 16वें वित्त आयोग पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि अगले पांच वर्षों के लिए अधिक से अधिक फंड की मांग के लिए विभागीय योजनाएं तैयार करें। केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया से चर्चा कर राज्य के लिए फंड बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
सांची की ब्रॉन्डिंग और रोजगार सृजन
- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और एमपी स्टेट कोऑपरेटिव फेडरेशन के साथ मिलकर समेकित योजना तैयार की जाएगी।
- सांची ब्रांड को देशभर में पहचान दिलाने और दूध कलेक्शन सेंटर की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य है।
मिशन ज्ञान पर फोकस
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “ज्ञान” (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति) फार्मूले पर काम करने की योजना भी बनाई गई। इसे लागू करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि विभागों में नई योजनाओं की शुरुआत की जाएगी।
कैबिनेट बैठक में युवाओं और किसानों को प्राथमिकता देकर राज्य को आत्मनिर्भर और रोजगारपरक बनाने की दिशा में कदम उठाए गए।
मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक: युवाओं और किसानों के लिए बड़े फैसले
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई साल 2025 की पहली कैबिनेट बैठक में युवाओं को रोजगार देने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में 12 जनवरी से “स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन” शुरू करने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए सांची ब्रांड को राष्ट्रीय पहचान दिलाने जैसे प्रस्तावों पर मुहर लगी।
युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन
बैठक में 12 जनवरी, स्वामी विवेकानंद जयंती से “स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन” शुरू करने का फैसला किया गया। इस मिशन के तहत युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि राज्य में युवाओं को रोजगार देने, उनकी क्षमता बढ़ाने और उन्हें रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए मिशन मोड पर काम किया जाएगा।
मिशन की खास बातें
- युवाओं को कोचिंग: एससी, एसटी और अन्य वर्ग के युवाओं को उच्च स्तरीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
- संवाद और कौशल विकास: युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर उनकी क्षमता और कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा।
- विभागीय भागीदारी: शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास, युवा कल्याण विभाग इस मिशन को क्रियान्वित करेंगे।
- रोजगार सृजन: राज्य के सभी मंत्री अपने विभागों में रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करेंगे।
दूध उत्पादन और सांची ब्रांड की ब्रॉन्डिंग
बैठक में किसानों की आय दोगुनी करने और राज्य के दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सांची ब्रांड को मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया। सांची ब्रांड की राष्ट्रीय पहचान बनाने के लिए प्रोफेशनल्स को जोड़ा जाएगा।
दूध उत्पादन बढ़ाने की योजना
- हर गांव में दुग्ध समितियां: राज्य के 53,000 गांवों में दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी।
- संचालन क्षमता में वृद्धि: वर्तमान में 10 लाख लीटर दूध संकलन को 20 लाख लीटर तक ले जाने का लक्ष्य।
- लोन सुविधा: किसानों को पशुधन खरीदने के लिए सहकारी क्षेत्र के माध्यम से लोन दिया जाएगा।
- 5 साल में 1500 करोड़ का निवेश: दूध उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में 5 साल के भीतर 1500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
केंद्र से फंड के लिए योजना
बैठक में 16वें वित्त आयोग पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि अगले पांच वर्षों के लिए अधिक से अधिक फंड की मांग के लिए विभागीय योजनाएं तैयार करें। केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया से चर्चा कर राज्य के लिए फंड बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
सांची की ब्रॉन्डिंग और रोजगार सृजन
- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और एमपी स्टेट कोऑपरेटिव फेडरेशन के साथ मिलकर समेकित योजना तैयार की जाएगी।
- सांची ब्रांड को देशभर में पहचान दिलाने और दूध कलेक्शन सेंटर की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य है।
मिशन ज्ञान पर फोकस
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “ज्ञान” (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति) फार्मूले पर काम करने की योजना भी बनाई गई। इसे लागू करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि विभागों में नई योजनाओं की शुरुआत की जाएगी।
कैबिनेट बैठक में युवाओं और किसानों को प्राथमिकता देकर राज्य को आत्मनिर्भर और रोजगारपरक बनाने की दिशा में कदम उठाए गए।









