सीधी में संदिग्ध परिस्थितियों में प्रवासी मजदूर की मौत,झोपड़ी की आग में जिंदा जला मजदूर
सीधी जिले के सिहावल जनपद पंचायत के बमुरी गांव स्थित धान खरीदी केंद्र पर रविवार रात एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि केंद्र पर बनी झोपड़ी में अचानक आग लग गई, जिसमें मजदूर की जलकर मौत हो गई। मृतक की पहचान बिहार निवासी पंचु कुमार महतो (45) के रूप में हुई है। हालांकि, घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना का विवरण:
रविवार आधी रात धान खरीदी केंद्र की झोपड़ी में यह हादसा हुआ। झोपड़ी में दो मजदूर सो रहे थे, तभी आग लग गई। प्रशासन का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग कैसे इतनी तेजी से फैली। हादसे में एक मजदूर सुरक्षित बाहर निकल गया, जबकि पंचु कुमार आग की चपेट में आकर झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
संदेह के बिंदु:
- आग लगने का कारण: प्रशासन इसे शॉर्ट सर्किट बता रहा है, लेकिन कुछ स्थानीय लोग इसे संदिग्ध मान रहे हैं। झोपड़ी में बिजली की सही व्यवस्था नहीं थी, ऐसे में शॉर्ट सर्किट की संभावना पर सवाल उठ रहे हैं।
- दूसरे मजदूर का बच जाना: झोपड़ी में सो रहे दूसरे मजदूर के बचने और पंचु कुमार के बाहर न निकल पाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
- झोपड़ी की स्थिति: झोपड़ी अस्थायी रूप से बनाई गई थी और उसमें सुरक्षा के कोई उचित प्रबंध नहीं थे।
पुलिस जांच:
सिहावल चौकी प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला दुर्घटना लग रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो पाएगी।
धान खरीदी केंद्र पर सुरक्षा की कमी:
यह घटना धान खरीदी केंद्र पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करती है। केंद्र में झोपड़ी में रहने वाले मजदूरों को न तो अग्निशमन के उपकरण उपलब्ध कराए गए थे और न ही बिजली की उचित व्यवस्था थी।
मृतक का परिवार और मदद की मांग:
मृतक पंचु कुमार महतो बिहार के रहने वाले थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। मजदूर संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
प्रशासन ने घटना को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। सिहावल पुलिस चौकी की टीम आग लगने के कारणों और दुर्घटना के पीछे की संभावित साजिश की जांच कर रही है। साथ ही, प्रशासन ने कहा है कि यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना केवल एक हादसा नहीं हो सकती, बल्कि इसमें कई संदिग्ध पहलू सामने आ रहे हैं। मजदूरों की सुरक्षा और उनके लिए कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाओं की कमी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।









