Re. No. MP-47–0010301

अतिथि विद्वानों को हटाने की तैयारी, नए महाविद्यालयों में होगा पुनर्वितरण

अतिथि विद्वानों को हटाने की तैयारी, नए महाविद्यालयों में होगा पुनर्वितरण

भोपाल।
प्रदेश के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में प्राध्यापकों की संख्या अधिक हो जाने के कारण वहां पहले से कार्यरत अतिथि विद्वानों को अन्य महाविद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

प्रदेश में 52 महाविद्यालयों को इस सत्र में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस घोषित किया गया है। इन महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से खाली पदों पर नए प्राध्यापकों को नियुक्त किया गया। इससे वहां शिक्षकों की संख्या बढ़ गई, जिससे करीब 500 अतिथि विद्वानों के पास काम नहीं बचा।

नए महाविद्यालय चुनने का विकल्प:
अतिथि विद्वानों को 20 से 25 जनवरी तक अपनी रुचि के महाविद्यालय का विकल्प चुनने का समय दिया गया है। इसके बाद 28 जनवरी तक उन्हें नए महाविद्यालयों का आवंटन किया जाएगा। 31 जनवरी तक उन्हें कार्यभार ग्रहण कर पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करनी होगी।

विरोध और समान अवसर की मांग:
इस व्यवस्था के खिलाफ कुछ अतिथि विद्वानों ने विरोध जताया है। सामान्य और स्वशासी महाविद्यालयों के अतिथि विद्वान भी समान अवसर की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदेश के 4500 अतिथि विद्वानों को समान रूप से इस प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए।

साक्षात्कार में भाग न लेने वाले प्राध्यापकों पर गाज:
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और स्वशासी महाविद्यालयों में ऐसे नियमित प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और सह-प्राध्यापक जो नई प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार में शामिल नहीं हुए, उन्हें भी हटाया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक्सीलेंस कॉलेजों में अध्यापन वही करेगा, जिसने विभाग की तय प्रक्रिया को पूरा किया है।

यह कदम उच्च शिक्षा को सुव्यवस्थित करने की दिशा में उठाया गया है, लेकिन इसे लेकर शिक्षकों और अतिथि विद्वानों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

Advertisement

Leave a Comment

error: Content is protected !!