MP कैबिनेट के बड़े फैसले: हुकुमचंद मिल पुनर्विकास, सेमीकंडक्टर नीति और पीएम आवास योजना 2.0 को मिली मंजूरी
भोपाल, 6 फरवरी
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के औद्योगिक, आवासीय और तकनीकी विकास को गति देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में हुकुमचंद मिल पुनर्विकास परियोजना, ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति 2025, सेमीकंडक्टर नीति 2025, पीएम आवास योजना 2.0, और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अपनी हालिया जापान यात्रा के अनुभव भी मंत्रियों के साथ साझा किए और राज्य में निवेश बढ़ाने की योजनाओं पर जोर दिया।
इंदौर की हुकुमचंद मिल का पुनर्विकास: 4,500 करोड़ का निवेश, 10,000 नौकरियां
इंदौर की हुकुमचंद मिल के पुनर्विकास की बहुप्रतीक्षित योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। 17.52 हेक्टेयर भूमि पर कॉमर्शियल और रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और ग्रीनरी विकसित की जाएगी। इस परियोजना से 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और सरकार को जीएसटी से राजस्व लाभ होगा।
- त्रिपक्षीय समझौते के तहत नगर निगम इंदौर, हाउसिंग बोर्ड और राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट पर काम करेंगे।
- सरकार ने पहले ही 450 करोड़ रुपये की देनदारी चुका दी है।
- परियोजना में स्मार्ट प्लानिंग, हरित क्षेत्र और विश्वस्तरीय सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
- यह योजना इंदौर के शहरी विकास में एक ऐतिहासिक कदम होगी।
ड्रोन नीति 2025: स्मार्ट एग्रीकल्चर से कानून व्यवस्था तक तकनीकी क्रांति
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति 2025 को मंजूरी दी। इस नीति से कृषि, कानून व्यवस्था, शहरी योजना और लॉजिस्टिक्स में ड्रोन तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
- खेती में ड्रोन से उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव किया जाएगा।
- पुलिस निगरानी, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं में ड्रोन की मदद ली जाएगी।
- ड्रोन स्कूल और ड्रोन इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
- सरकार ड्रोन स्टार्टअप्स और नए व्यवसायों को भी समर्थन देगी।
सेमीकंडक्टर नीति 2025: हाई-टेक इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति 2025 को मंजूरी दी, जिससे चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
- इस नीति के तहत राज्य में 2,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया जा सकता है।
- नीति से हाई-टेक उद्योगों के लिए इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल उपकरणों की स्थानीय उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
पीएम आवास योजना 2.0: 10 लाख नए मकानों की होगी सुविधा
मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में 8.5 लाख मकान बनाए गए थे। दूसरे चरण (PMAY 2.0) में 10 लाख नए मकान बनाए जाएंगे।
- इस योजना में गरीब, मजदूर, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, सफाई कर्मी और स्ट्रीट वेंडर्स को प्राथमिकता मिलेगी।
- सरकार अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग भी शुरू करेगी, जिससे छात्र और कामकाजी महिलाएं लाभान्वित होंगी।
- यह योजना राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में किफायती आवास उपलब्ध कराएगी।
जापान के साथ निवेश और सहयोग
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी जापान यात्रा के अनुभव साझा किए और बताया कि जापान मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों में सहयोग करेगा।
- भोपाल-इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट, स्मार्ट सिटी विकास, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम में जापान निवेश करेगा।
- उज्जैन मेडिकल पार्क, ईवी मैन्युफैक्चरिंग और टेक्सटाइल उद्योग में भी जापान की भागीदारी होगी।
- जापान मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर बेहद सकारात्मक है, जिससे राज्य को नई तकनीक और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में इंटर्नशिप स्टायपेंड 7,600 से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया।
- ऊर्जा विभाग को उधारी राहत देने और विद्युत कंपनियों के ऋण प्रबंधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
- नई दिल्ली महाधिवक्ता कार्यालय में सरकारी वकील का एक नया पद सृजित किया गया।
- गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आठ कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई।
- जनकल्याण शिविरों में 42.96 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 41.71 लाख आवेदनों का निराकरण किया गया।
निष्कर्ष
इस कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय राज्य के औद्योगिक, तकनीकी और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हुकुमचंद मिल का पुनर्विकास इंदौर के आर्थिक परिदृश्य को नया रूप देगा। ड्रोन और सेमीकंडक्टर नीतियां मध्यप्रदेश को तकनीकी रूप से उन्नत राज्य बनाएंगी। पीएम आवास योजना 2.0 से लाखों गरीबों को सुरक्षित और किफायती घर मिलेंगे। जापान के सहयोग से राज्य में नई परियोजनाओं और निवेश के अवसर बढ़ेंगे।









