मध्यप्रदेश में नए संभाग की मांग तेज, सतना संभाग के गठन की उठी आवाज
भोपाल | 9 मार्च 2025 – मध्यप्रदेश में प्रशासनिक पुनर्गठन की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर सतना को एक नया संभाग बनाने का आग्रह किया है। यदि यह मांग मानी जाती है, तो पन्ना, मैहर और सतना जिले को मिलाकर एक नया संभाग बनाया जाएगा, जिससे 3562 गांवों को लाभ मिलेगा।
किन जिलों को शामिल करने की मांग?
राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने सतना को संभागीय मुख्यालय बनाने के लिए तीन जिलों को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव दिया है:
- सतना – 1816 गांव, 10 तहसीलें
- पन्ना – 1033 गांव, 9 तहसीलें
- मैहर – 713 गांव, 3 तहसीलें
सतना क्यों बनना चाहिए नया संभाग?
- पन्ना की दूरी – पन्ना जिले के लोगों को संभागीय कार्यों के लिए 215 किलोमीटर दूर सागर जाना पड़ता है, जबकि सतना मात्र 75 किलोमीटर दूर है।
- चित्रकूट क्षेत्र की समस्या – रीवा संभागीय मुख्यालय 131 किलोमीटर दूर पड़ता है, जबकि सतना की दूरी सिर्फ 77 किलोमीटर है।
- औद्योगिक विकास –
- सतना और मैहर – सीमेंट उद्योग का बड़ा केंद्र (भारत के कुल सीमेंट उत्पादन का 9-10% सतना में होता है)।
- पन्ना – हीरे की खदानों के लिए प्रसिद्ध।
संभागीय पुनर्गठन की जरूरत क्यों?
- रीवा और सागर संभागों में 6-6 जिले हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में कठिनाई होती है।
- नए संभाग से स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
क्या होगा आगे?
पुनर्गठन आयोग के सदस्य एस.एन. मिश्रा और मुकेश शुक्ला नए सीमांकन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। यदि प्रस्ताव मंजूर होता है, तो सतना जल्द ही मध्यप्रदेश का अगला संभाग बन सकता है।
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं।
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