सीधी जिले के लिए बजट में 7 सड़कों का प्रावधान, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए घोषणाओं तक सीमित रहने के आरोप
सीधी, 12 मार्च 2025: मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया, जिसमें सीधी जिले के लिए 7 नई सड़कों के निर्माण का प्रावधान किया गया है। हालाँकि, जिले को कोई बड़ी परियोजना या विशेष आर्थिक पैकेज नहीं मिलने से स्थानीय लोग निराश हैं। विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह बजट सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है और जिले के विकास की आवश्यकताओं को अनदेखा किया गया है।
सीधी जिले में इन सड़कों को मिली मंजूरी
बजट में सीधी जिले के भीतर सात महत्वपूर्ण सड़कों के लिए धनराशि आवंटित की गई है:
- बरम्बाबा से तेगवा मार्ग (5 किमी) – ₹6.25 करोड़
- एनएच 39 से मोहनिया गांव लिंक रोड (1 किमी) – ₹5.98 करोड़
- गोरियरा से हलीखाड़ मार्ग (3 किमी) – ₹3.75 करोड़
- बहरी बस स्टैंड से पुरानी बहरी मार्ग (2.5 किमी, पीसीसी निर्माण) – ₹3.12 करोड़
- ग्राम पंचायत पड़ीखुर्द जंगल चैकी से गुजरहट घाट होते हुए फटहड़वा मार्ग (8 किमी) – ₹8 करोड़
- राजमिलान पहरी टोला से रैला कुरूखाड़ी टोला मार्ग (2 किमी) – ₹2.5 करोड़
- ग्राम चैरा से सुखरा नाला होते हुए बेतरियां मार्ग (3 किमी) – ₹3.75 करोड़
स्थानीय विधायक और कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
सीधी जिले के विकास को लेकर स्थानीय विधायक रीति पाठक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को गति देने की माँग की थी। लेकिन बजट में इस योजना को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई, जिससे स्थानीय नागरिकों में निराशा देखी गई।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने बजट की आलोचना करते हुए कहा:
“यह सरकार केवल कागजी घोषणाएँ कर रही है। जमीनी स्तर पर कोई ठोस विकास नहीं हो रहा। किसानों, युवाओं और बेरोजगारों के लिए यह बजट निराशाजनक है।”
ये प्रमुख मांगें रह गईं अधूरी
बजट से पहले जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में विकास को लेकर अलग-अलग माँगें रखी गई थीं, लेकिन इनमें से कई पूरी नहीं हुईं:
- सीधी को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल करने की माँग अनदेखी की गई।
- जिला अस्पताल में 200 बेड और आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की माँग अधूरी रह गई।
- दिठौरा से खैरा सोन नदी पुल तक सड़क निर्माण की माँग पूरी नहीं हुई।
- रामपुर नैकिन में सिविल अस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव बजट में शामिल नहीं हुआ।
बजट में हुईं ये प्रमुख घोषणाएँ
- कोई नया कर नहीं लगाया गया।
- लाड़ली बहना योजना की राशि में वृद्धि नहीं होगी, लेकिन हितग्राहियों को पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा।
- प्रदेश में 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज और 22 नए आईटीआई संस्थान खोले जाएंगे।
- प्रदेश के 39 नए औद्योगिक क्षेत्रों में 3 लाख नौकरियों के अवसर सृजित किए जाएंगे।
- 1 अप्रैल 2025 से सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में सातवें वेतनमान के अनुसार संशोधन किया जाएगा।
- प्रदेश में डिजिटल यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
सीधी जिले को बजट में 7 नई सड़कों की सौगात मिली है, लेकिन बड़ी विकास योजनाओं की कमी को लेकर स्थानीय नागरिक और जनप्रतिनिधि संतुष्ट नहीं हैं। विपक्ष इसे घोषणाओं तक सीमित बजट बता रहा है, जबकि सरकार का दावा है कि विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना होगा कि इन योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है।









