मऊगंज में कर्फ्यू: ASI की मौत, तहसीलदार के तोड़े हाथ-पैर

मऊगंज (मध्यप्रदेश): मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में शनिवार को दो गुटों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आदिवासी परिवार ने युवक सनी द्विवेदी को बंधक बनाकर पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर भी जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एसएएफ के एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत हो गई, जबकि थाना प्रभारी संदीप भारती और हनुमना तहसीलदार कुमारे लाल पनका समेत 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
गांव में धारा 163 लागू, भारी पुलिस बल तैनात

स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने पूरे गांव में धारा 163 (पहले धारा 144 थी) लागू कर दी है। रीवा और सीधी जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है, और सतना जिले को भी अलर्ट पर रखा गया है।
मऊगंज कलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है।
क्या है विवाद की जड़?
यह पूरा विवाद दो महीने पहले हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। अशोक कुमार आदिवासी नामक युवक की बाइक दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिजनों ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए सनी द्विवेदी पर हत्या का आरोप लगाया था।
शनिवार शाम करीब 4 बजे आदिवासी परिवार ने सनी द्विवेदी को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस बचाने पहुंची तो हुआ हमला
सनी द्विवेदी को छुड़ाने के लिए जब शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारती अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने डंडों और पत्थरों से पुलिस पर हमला कर दिया।
इस हमले में—
✔ एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत हो गई।
✔ हनुमना तहसीलदार कुमारे लाल पनका के हाथ-पैर तोड़ दिए गए।
✔ टीआई संदीप भारती के सिर पर गंभीर चोट आई।
✔ 8 और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
घायलों को इलाज के लिए रीवा और मऊगंज के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
एसडीओपी और एसआई ने खुद को कमरे में बंद कर बचाई जान
स्थिति बिगड़ती देख एसडीओपी अंकिता शूल्या और एसआई आरती वर्मा ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, फायरिंग करते हुए पुलिस अंदर घुसी और दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि कई अन्य की तलाश जारी है। कुछ पुलिसकर्मी अब भी आरोपियों की गिरफ्त में हो सकते हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, और सुरक्षा के लिए वज्र वाहन सहित भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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