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सीधी:विद्यालयों एवं छात्रावासों के कर्मचारियों का होगा पुलिस सत्यापन

सीधी:विद्यालयों एवं छात्रावासों के कर्मचारियों का होगा पुलिस सत्यापन

सीधी, 24 मार्च 2025 – जिले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों तथा छात्रावासों के कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

बैठक में कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि विद्यालयों और छात्रावासों में शिकायत पेटी लगाई जाए, जिससे बच्चे अपनी समस्याएँ और सुझाव गोपनीय रूप से दर्ज कर सकें। इस पहल से बच्चों की शिकायतों का समाधान किया जा सकेगा और उनके अधिकारों की रक्षा होगी।

बैठक में मौजूद अधिकारी एवं विषय-वस्तु

इस बैठक में

  1. स्वरोचिष सोमवंशी – कलेक्टर, सीधी
  2. अंशुमान राज – अपर कलेक्टर
  3. नीलेश शर्मा – उपखंड मजिस्ट्रेट, सीधी
  4. सिहावल एसपी मिश्रा – अधिकारी
  5. शांत शिरोमणि पयासी – बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष
  6. सचीन्द्र कुमार मिश्रा – बाल कल्याण समिति के सदस्य
  7. रंजना मिश्रा – बाल कल्याण समिति की सदस्य
  8. सिद्धार्थ तिवारी – बाल कल्याण समिति के सदस्य
  9. अजीत कुमार द्विवेदी – बाल कल्याण समिति के सदस्य
  10. आर. सी. त्रिपाठी – जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी  उपस्थित रहे।

बैठक में बाल कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और आवश्यक निर्णय लिए गए।

स्पांसरशिप योजना की जानकारी दी गई

बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, आर. सी. त्रिपाठी ने स्पांसरशिप योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना उन बच्चों के लिए है, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है या जिनके पिता की मृत्यु हो चुकी है और माता आर्थिक रूप से कमजोर है।

योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए बच्चे का नियमित विद्यालय जाना अनिवार्य होगा। साथ ही, माता की वार्षिक आय शहरी क्षेत्रों में ₹96,000 और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। इच्छुक अभिभावक इस योजना की जानकारी नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, परियोजना कार्यालय या जिला बाल संरक्षण इकाई से प्राप्त कर सकते हैं।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस सत्यापन और शिकायत पेटी जैसी पहल से बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। साथ ही, स्पांसरशिप योजना से जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी।

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