कुसमी के उमरिया में टाइगर ने किया दो बैलों का शिकार, ग्रामीणों में दहशत
ब्यूरो, सीधी
सीधी जिले के कुसमी संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र से एक बड़ी घटना सामने आई है। 30 मार्च की दरमियानी रात उमरिया गांव में एक बाघ (टाइगर) ने घर के पास बंधे दो बैलों को मार डाला, जिससे दोनों बैलों की मौके पर ही मौत हो गई।
टाइगर ने गौशाला में घुसकर किया हमला
मिली जानकारी के अनुसार, उमरिया निवासी चंद्रशेखर सिंह पिता प्रभाव सिंह और शिवपूजन सिंह पिता गौकरण सिंह के बैल गौशाला में बंधे थे। रात के समय अचानक बाघ ने हमला कर दिया और दोनों बैलों को मार डाला। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
वन विभाग ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही वनरक्षक रामकिशोर पांडेय मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। वन विभाग द्वारा सहायता राशि देने के लिए प्रकरण तैयार किया जा रहा है।
ग्रामीणों में बढ़ रही चिंता, विस्थापन न होने से बढ़ रही घटनाएं
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। बाघ और अन्य जंगली जानवरों के हमलों के कारण ग्रामीणों को जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन की लापरवाही और उचित विस्थापन न होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विस्थापन की राशि कम होने से ग्रामीणों में असंतोष
ग्रामीणों ने बताया कि सरकार द्वारा दी जाने वाली विस्थापन राशि बहुत कम है, जिससे वे दूसरे स्थान पर बसने में असमर्थ हैं। उनका कहना है कि यदि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला तो वे विस्थापित नहीं हो सकते, और इस वजह से वे हर दिन जानलेवा हमलों के खतरे में जी रहे हैं।
सरकार से की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से रात में गश्त बढ़ाने और उचित सुरक्षा उपाय करने की मांग की है ताकि बाघ जैसे जंगली जानवर गांवों में न घुस सकें।
संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जिससे ग्रामीणों की जान और आजीविका दोनों खतरे में हैं। प्रशासन को जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाना होगा ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और वन्यजीवों का उचित प्रबंधन हो।









