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सीधी:ई-केवाईसी में लापरवाही पर उचित मूल्य दुकान पिपरांव का विक्रेता निलंबित

सीधी:ई-केवाईसी में लापरवाही पर उचित मूल्य दुकान पिपरांव का विक्रेता निलंबित
सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदेश 2015 के उल्लंघन का मामला, एसडीएम चुरहट-रामपुर नैकिन ने जारी किया निलंबन आदेश

सीधी, 09 अप्रैल 2025। ई-केवाईसी कार्य में लापरवाही बरतने पर पिपरांव ग्राम की शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता सुमित सिंह को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, चुरहट-रामपुर नैकिन द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई म.प्र. सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदेश 2015 के अंतर्गत की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी चुरहट/रामपुर नैकिन द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि समीक्षा बैठक में विक्रेताओं को ई-केवाईसी कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सुमित सिंह द्वारा अपेक्षित प्रगति नहीं की गई, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

अधिकारियों ने बताया कि उक्त कृत्य म.प्र. सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदेश 2015 की कंडिका 18 का उल्लंघन है तथा कंडिका 16 के अंतर्गत दंडनीय भी है। विक्रेता ने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती, जिसके चलते प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया।


प्रशासन की सख्ती का संकेत

इस कार्रवाई को लेकर आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए सभी विक्रेताओं को ई-केवाईसी प्रक्रिया समयसीमा में पूर्ण करना अनिवार्य है। लापरवाही की स्थिति में भविष्य में भी सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।


क्या है ई-केवाईसी की भूमिका?

ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी) के माध्यम से उचित मूल्य की दुकानों से लाभान्वित हो रहे उपभोक्ताओं की पहचान सत्यापित की जाती है। यह प्रक्रिया फर्जी लाभार्थियों को सिस्टम से हटाने और पारदर्शी वितरण प्रणाली को लागू करने में मदद करती है।


आगे की प्रक्रिया

निलंबन के पश्चात अब उक्त उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु अस्थायी या वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की संभावना है, ताकि उपभोक्ताओं को राशन प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।

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