सीधी:पंजीयन शुल्क में मनमानी और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता पर उठाए सवाल – एडवोकेट राम नरेश मिश्रा
सीधी। जिला अधिवक्ता संघ सीधी द्वारा नये अधिवक्ताओं से पंजीयन शुल्क के नाम पर 1100 रुपये वसूले जाने को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता राम नरेश मिश्रा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस मनमानी शुल्क को अनुचित और युवा अधिवक्ताओं के साथ अन्याय बताया है।
एडवोकेट मिश्रा ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देशों के अनुपालन में राज्य अधिवक्ता परिषद, जबलपुर द्वारा नये अधिवक्ताओं से पंजीयन के लिए केवल 650 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है, लेकिन जिला अधिवक्ता संघ सीधी द्वारा 1100 रुपये की वसूली की जा रही है। उन्होंने इसे शोषण करार देते हुए कहा कि यदि उन्हें अधिवक्ता संघ में सेवा का अवसर मिलता है तो वे इस अतिरिक्त वसूली की राशि ब्याज सहित वापस कराएंगे।
चुनाव प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
एडवोकेट मिश्रा ने संघ चुनाव को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिना मतदाता सूची के प्रकाशन के सीधे मतदान तिथि की घोषणा करना अधिवक्ता संघ के बायलॉज के खिलाफ है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन और उसके बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा चुनाव की घोषणा होनी चाहिए थी, ताकि चुनाव निष्पक्ष हो सके।
उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता संदिग्ध हो गई है।
राज्य अधिवक्ता परिषद से की यह मांग
राम नरेश मिश्रा ने राज्य अधिवक्ता परिषद, जबलपुर से आग्रह किया है कि सीधी जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए एक तदर्थ समिति का गठन किया जाए, जो संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमबद्ध रूप से संपन्न कराए।









