मासिक क्राइम मीटिंग: अपराध नियंत्रण और बाल सुरक्षा पर लिए गए अहम निर्णय
नशाखोरी, अवैध खनन और महिला अपराधों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
पुलिस अधीक्षक डॉ. रविंद्र वर्मा के नेतृत्व में आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सीधी के सभागार में मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण, बाल एवं महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति, डेटा प्रबंधन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद श्रीवास्तव, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्रीमती गायत्री तिवारी, एसडीओपी चुरहट श्री आशुतोष द्विवेदी, एसडीओपी कुसमी सुश्री रोशनी ठाकुर, रक्षित निरीक्षक सहित जिले के सभी थाना प्रभारियों एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बाल संरक्षण पर विशेष ध्यान
बैठक में बाल कल्याण समिति, सीधी के अध्यक्ष श्री शांत शिरोमणि पयासी व अन्य सदस्यगणों की उपस्थिति में बच्चों की सुरक्षा एवं पुनर्वास पर चर्चा हुई। मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
- गुमशुदा, घर से भागे व पोक्सो पीड़ित बच्चों के पुनर्वास हेतु समन्वित प्रयास।
- किशोरों में बढ़ती नशाखोरी पर अंकुश हेतु ठोस रणनीति।
- कबाड़ बीनने वाले बच्चों की पहचान कर पुनर्वास कार्यवाही।
अपराध नियंत्रण हेतु निर्देश
एसपी डॉ. वर्मा द्वारा मई माह की अपराध स्थिति का तुलनात्मक विश्लेषण कर थानों को निम्न निर्देश दिए गए:
- मादक पदार्थों की धरपकड़ कर नाबालिगों में नशाखोरी पर सख्त रोक।
- जुआ-सट्टा जैसे सामाजिक अपराधों पर कठोर कार्रवाई।
- अवैध खनन व परिवहन में लिप्त व्यक्तियों पर कठोर दंड और दोषी वाहनों को राजसात करने की कार्यवाही।
- सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघनों पर सख्ती।
- चोरी व गृहभेदन मामलों में शीघ्र गिरफ्तारी और 100% संपत्ति बरामदगी।
- जनशिकायतों की त्वरित व निष्पक्ष जांच।
- शांति भंग करने वाले तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।
- स्थायी व गिरफ्तारी वारंट मामलों की त्वरित निष्पादन।
- महिला एवं बाल अपराधों को गंभीरता से लेकर कठोरतम कार्रवाई।
- महिला यौन उत्पीड़न मामलों में आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्यवाही।
- चिन्हित मामलों में ट्रायल प्रक्रिया तेज कर शीघ्र न्याय की व्यवस्था।
तकनीकी दक्षता एवं डेटा प्रबंधन पर प्रशिक्षण
बैठक के दौरान सीसीटीएनएस, e-dar व iRAD पोर्टलों पर डेटा समन्वय के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। जिला रोल आउट प्रबंधक श्री आशुतोष सिंह (NIC, सीधी) ने अधिकारियों को सटीक व समयबद्ध डेटा एंट्री की प्रक्रिया से अवगत कराया। इसका उद्देश्य पुलिसिंग में पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को सुदृढ़ बनाना है।









