संविदा कर्मियों को झुनझुना! डेढ़ लाख कर्मचारियों को मिली सिर्फ 2.94% वेतन वृद्धि, उम्मीदों पर फिरा पानी
भोपाल | 12 जून 2025 | सीधी 24 न्यूज विशेष
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के लगभग डेढ़ लाख संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत देते हुए उनके वेतन में 2.94 प्रतिशत की वृद्धि का आदेश जारी कर दिया है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।
हालांकि इस फैसले से कर्मचारियों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, मगर अपेक्षा से कम वृद्धि होने पर संविदा वर्ग में असंतोष भी देखने को मिल रहा है।
कम उम्मीद, कम फायदा
वित्त विभाग द्वारा गुरुवार शाम जारी आदेश के अनुसार, वेतन वृद्धि सामान्य प्रशासन विभाग के 22 जुलाई 2023 के सर्कुलर के आधार पर की गई है, जो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों पर आधारित है।
इस निर्णय के तहत कर्मचारियों को 300 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक की मासिक वेतनवृद्धि मिलेगी, जबकि पिछले साल यह वृद्धि 3.78% रही थी। संविदा संघ का कहना है कि सरकार से 4% तक की उम्मीद थी, लेकिन निर्णय अपेक्षा के अनुरूप नहीं निकला।
संघ ने जताई नाराजगी
संविदा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि संविदा कर्मियों का वेतन 12,000 से लेकर 65,000 रुपए प्रतिमाह तक होता है। उन्होंने कहा कि दो माह से वृद्धि लंबित थी, और जब फैसला आया भी तो वह ‘नाम मात्र’ का निकला।
राठौर ने यह भी कहा कि पहले सरकार नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर संविदा वर्ग को महंगाई भत्ता देती थी, जिससे वेतन में अच्छी वृद्धि हो जाती थी। अब उस प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है।
कहां क्या बदलाव हुआ?
- 2024-25 में वृद्धि: 3.78%
- 2025-26 में वृद्धि: 2.94%
- वेतन वृद्धि प्रभावी तिथि: 1 अप्रैल 2025
- वेतन में बदलाव: ₹300 से ₹1500 तक
सरकार को घेरा, फिर भी राहत की उम्मीद
संघ ने मांग की है कि सरकार पुनः महंगाई भत्ता बहाल करे और संविदा कर्मचारियों को भी स्थायित्व और सम्मान के साथ बेहतर वेतनमान दे।








