Re. No. MP-47–0010301

GST में 34 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा: फर्जी कंपनियां बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया, रांची से सरगना गिरफ्तार

GST में 34 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा: फर्जी कंपनियां बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया, रांची से सरगना गिरफ्तार

✍️मध्यप्रदेश न्यूज़ डेस्क

जबलपुर/भोपाल, 28 जून 2025 — मध्यप्रदेश की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने 34 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस संगठित अपराध के मास्टरमाइंड विनोद कुमार सहाय उर्फ एनके खरे को झारखंड की राजधानी रांची से गिरफ्तार किया गया है। उसे शुक्रवार को जबलपुर जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने 2 जुलाई तक EOW रिमांड पर भेज दिया है।

लोन के नाम पर जुटाए दस्तावेज, बनाईं फर्जी फर्में

आरोपी ने भोपाल, इंदौर और जबलपुर के आम लोगों को लोन दिलाने के बहाने उनसे दस्तावेज लिए और उनके नाम पर फर्जी कंपनियां रजिस्टर कराईं। उसके निशाने पर गरीब व मध्यम वर्गीय ग्रामीण युवा थे। वह झांसा देता था कि “लोन के लिए GST रजिस्ट्रेशन जरूरी है”। इसी बहाने से आरोपी ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, भूमि दस्तावेज और बिजली बिल जैसे अहम कागजात ले लिए।

इन नामों पर बनी फर्जी फर्में

  • प्रताप सिंह लोधी के नाम पर मेसर्स मां नर्मदा ट्रेडर्स – 7 फरवरी 2020
  • दीनदयाल लोधी के नाम पर मेसर्स नमामि ट्रेडर्स – 13 अगस्त 2019
  • रविकांत सिंह के नाम पर मेसर्स मां रेवा ट्रेडर्स – 19 फरवरी 2020
  • नीलेश कुमार पटेल के नाम पर मेसर्स अभिजीत ट्रेडर्स – 26 फरवरी 2020

इन कंपनियों का अस्तित्व सिर्फ कागज़ों पर था, वास्तविक कोई व्यवसायिक गतिविधि नहीं हो रही थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इन पतों पर कोई व्यापारिक गतिविधि संचालित नहीं थी।

फर्जी बिलों से टैक्स क्रेडिट का खेल

विनोद सहाय ने फर्जी खरीद-बिक्री के लेन-देन दिखाकर करोड़ों रुपये के फर्जी बिल तैयार किए और उनका उपयोग कर बिना वास्तविक लेन-देन के ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ उठाया। यही नहीं, इस फर्जी ITC को अन्य व्यवसायियों को “पास ऑन” किया गया, जिससे शासन को करीब ₹33.80 करोड़ का नुकसान हुआ।

जांच में खुलासा, सब कुछ आरोपी के नियंत्रण में

जांच में यह भी सामने आया कि विनोद सहाय ने सभी फर्मों के ईमेल, पासवर्ड, बैंक खाते, GST पोर्टल की ID तक स्वयं के पास रखीं। सभी रजिस्ट्रेशन में दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया। आरोपी ने 2019 से 2020 के बीच यह सारा फर्जीवाड़ा अंजाम दिया।

एक युवक की शिकायत से खुला बड़ा घोटाला

इस घोटाले का भंडाफोड़ तब हुआ जब जबलपुर निवासी प्रताप सिंह लोधी ने शिकायत की कि उनके नाम पर फर्जी कंपनी चल रही है। इस पर वाणिज्य कर विभाग की सहायक आयुक्त वैष्णवी पटेल और ज्योत्सना ठाकुर की प्रारंभिक रिपोर्ट में आपराधिक साजिश के संकेत मिले। इसके बाद EOW ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।


विशेष जानकारी:
इस प्रकार का फर्जीवाड़ा GST प्रणाली की ITC पास ऑन प्रणाली की खामियों का फायदा उठाकर किया जाता है। EOW अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और लाभार्थियों की तलाश में है।

Leave a Comment

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!