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???? नो एंट्री में भी भारी वाहन! यातायात पुलिस पर वसूली के गंभीर आरोप

???? नो एंट्री में भी भारी वाहन! यातायात पुलिस पर वसूली के गंभीर आरोप

✍️सिंगरौली न्यूज़ ब्यूरो

सिंगरौली, 27 जून 2025 — सिंगरौली जिले की यातायात व्यवस्था एक बार फिर विवादों और अव्यवस्थाओं के घेरे में आ गई है। इस बार यातायात पुलिस पर ही नो एंट्री क्षेत्र में अवैध रूप से भारी वाहनों को प्रवेश दिलाने और रिश्वत वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। यह आरोप केवल मौखिक नहीं, बल्कि इसके दृश्य प्रमाण सामने आए हैं।

भूसा लदी गाड़ी में बैठे दिखे वर्दीधारी

सोशल मीडिया और स्थानीय पत्रकारों के पास आई एक तस्वीर ने इस आरोप को और पुख्ता कर दिया है, जिसमें एक पुलिसकर्मी भूसे से लदी गाड़ी में बैठकर वाहन मालिक से रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह वसूली 200 से 500 रुपये तक की होती है, जिसके बाद भारी वाहनों को नो एंट्री जोन में भी बेधड़क प्रवेश की अनुमति दे दी जाती है।

स्थानीयों ने उठाई आवाज

शहरवासियों का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। हर रोज़ नो एंट्री समय में कई ऐसे वाहन रोके जाते हैं, जिनके चालकों से कथित रूप से “सेटिंग” के नाम पर पैसे लिए जाते हैं और फिर उन्हें शहर के भीतर घुसने की अनुमति मिल जाती है। इस प्रक्रिया में न सिर्फ कानून का खुला उल्लंघन होता है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।

यातायात जाम और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका

नो एंट्री के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से शहर की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लग जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को न सिर्फ फंसना पड़ता है, बल्कि कई बार हादसों का भी सामना करना पड़ता है। इसके चलते यातायात नियमों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।

प्रशासन की चुप्पी, कार्रवाई की मांग

इस पूरे मामले में अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है। लेकिन जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों ने कहा कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो यह व्यवस्था पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी।


क्या कहता है कानून?

ट्रैफिक नियमों के अनुसार, नो एंट्री समय में किसी भी भारी वाहन का प्रवेश कानूनी रूप से पूर्णतः वर्जित है। यदि कोई अधिकारी जानबूझकर नियम तोड़ने की अनुमति देता है, तो यह न केवल ड्यूटी का दुरुपयोग है, बल्कि भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध भी है।


आगे क्या?

अब देखना होगा कि सिंगरौली जिला प्रशासन और यातायात विभाग इस मामले पर कब और कैसे संज्ञान लेते हैं। क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा — यह आने वाला वक्त तय करेगा।


???? जनता की मांग:

  • वसूली की वायरल तस्वीर की जांच हो
  • दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए
  • नो एंट्री नियम का सख्ती से पालन हो
  • पारदर्शी और डिजिटल चालान व्यवस्था लागू की जाए

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