???? MPमें देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: नीरज मंडलोई बने मुख्यमंत्री के नए अपर मुख्य सचिव, 9 आईएएस अफसरों के तबादले
✍️ भोपाल, 7 जुलाई 2025 |
राज्य सरकार ने रविवार देर रात एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 9 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए हैं। सबसे अहम बदलाव में नीरज मंडलोई को मुख्यमंत्री सचिवालय का नया अपर मुख्य सचिव (ACS) बनाया गया है। अब तक यह पदभार संभाल रहे डॉ. राजेश राजौरा को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर केवल नर्मदा घाटी विकास विभाग का दायित्व सौंपा गया है।
???? मुख्यमंत्री सचिवालय में बदलाव
डॉ. राजेश राजौरा, जो जून 2024 से मुख्यमंत्री सचिवालय में ACS के पद पर पदस्थ थे, उन्हें अब केवल नर्मदा घाटी विकास विभाग का दायित्व सौंपा गया है। उनकी जगह नीरज मंडलोई (1993 बैच) को मुख्यमंत्री का नया अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। मंडलोई के पास पहले से ऊर्जा विभाग का कार्यभार था, जिसे वे यथावत संभालेंगे। साथ ही, लोक सेवा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहेगा।
???? अन्य प्रमुख तबादले:
- संजय दुबे (1993) को नगरीय विकास एवं आवास विभाग का ACS बनाया गया है। साथ ही उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- संजय शुक्ल (1994) अब सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के ACS होंगे। उन्हें कर्मचारी चयन मंडल की जिम्मेदारी भी अतिरिक्त रूप से दी गई है।
- डी.पी. आहूजा (1996) को PS, सहकारिता विभाग में नियुक्त किया गया है। पहले वे मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग देख रहे थे।
- एम. सेलवेंद्रम (2002), जो अब तक किसान कल्याण विभाग में सचिव थे, को सामान्य प्रशासन विभाग में सचिव (कार्मिक) नियुक्त किया गया है।
- निशांत वरवड़े (2003), जो उच्च शिक्षा विभाग में आयुक्त थे, अब कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव होंगे।
- प्रबल सिपाहा (2009) को मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा आयुक्त बनाया गया है। वे पूर्व में लोक सेवा आयोग, इंदौर में OSD थे।
- राखी सहाय (2015), जो वित्त निगम इंदौर की प्रबंध संचालक थीं, अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर की सचिव होंगी।


???? एक साल पहले बनी थी ‘राजौरा टीम’
गौरतलब है कि जून 2024 में राजेश राजौरा को मुख्यमंत्री सचिवालय में ACS बनाकर विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस समय राघवेंद्र सिंह और संजय शुक्ला को प्रमुख सचिव के रूप में सीएमओ में पदस्थ किया गया था। इस टीम का नेतृत्व स्वयं राजौरा कर रहे थे। लेकिन अब राजौरा को सीएमओ की जिम्मेदारी से हटाया गया है।
इस फेरबदल से एक तरफ प्रशासनिक कार्यों में नई गति आने की उम्मीद है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री सचिवालय में नेतृत्व परिवर्तन से नीति-निर्माण और क्रियान्वयन पर भी असर पड़ सकता है। राजनीतिक हलकों में इस तबादले को आगामी योजनाओं और सरकार की कार्यशैली में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।








