भोपाल में सड़क हादसे के घायल को शिवराज सिंह चौहान ने पहुंचाया अस्पताल
काफिला रुकवाकर खुद की मदद, कहा- “ये इंसानियत का फर्ज है”
✍️ भोपाल, 13 जुलाई | विशेष प्रतिनिधि
केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को भोपाल में मानवता की एक मिसाल पेश की। शहर के चेतक ब्रिज के पास एक सड़क हादसे में घायल युवक की मदद के लिए उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और घायल को अपनी सरकारी गाड़ी से अस्पताल भिजवाया।

मंदिर जा रहे थे, पर मानवता ने पहले रोक लिया
शिवराज सिंह चौहान अवधपुरी स्थित जैन मंदिर में चातुर्मास कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही उनका काफिला चेतक ब्रिज के पास पहुंचा, उन्होंने सड़क किनारे भीड़ देखकर गाड़ी रुकवाई। उसी समय एक महिला दौड़ती हुई उनके पास पहुंची और बताया कि पास में ही एक युवक दुर्घटनाग्रस्त पड़ा है।
खुद फोन कर डॉक्टर को दिए निर्देश
मंत्री शिवराज ने तुरंत अपने स्टाफ और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को गाड़ी में लिटवाया और जेपी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव को फोन कर इमरजेंसी में तुरंत इलाज शुरू करने को कहा। अपने स्टाफ अधिकारी राजेन्द्र जैन को घायल युवक के साथ अस्पताल भेजा और निर्देश दिए कि “इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहे, और परिवार को भी सूचित किया जाए।”
“धन्यवाद” कहने पर बोले – “ये इंसानियत है, फर्ज है”
मौके पर मौजूद लोगों और एक महिला ने जब शिवराज को धन्यवाद कहा, तो उन्होंने भावुक होते हुए कहा,
“धन्यवाद की कोई जरूरत नहीं। ये हम सबका फर्ज है कि कोई घायल दिखे, तो उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाएं। इससे बड़ी सेवा कोई नहीं।”
जनसेवा की पहचान बनी यह पहल
शिवराज सिंह चौहान की यह मानवीय पहल नेता और आम नागरिक के बीच के फर्क को मिटा देती है। उनकी इस तत्परता की लोग सोशल मीडिया पर भी जमकर सराहना कर रहे हैं। कई स्थानीय लोगों ने इसे “नेता नहीं, सेवक” की भावना बताया।
यह घटना इस बात की तस्दीक करती है कि जब राजनीतिक नेतृत्व मानवीयता से जुड़ता है, तब एक जीवन भी बचाया जा सकता है।








