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सर्पदंश से घबराएं नहीं, एक घंटे के भीतर कराएं इलाज – सीएमएचओ ने दी जरूरी सलाह

सर्पदंश से घबराएं नहीं, एक घंटे के भीतर कराएं इलाज – सीएमएचओ ने दी जरूरी सलाह

सीधी, 08 अगस्त 2025
वर्षा ऋतु में बढ़ते सर्पदंश के मामलों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सीधी ने जिलेवासियों को सर्पदंश से बचाव और त्वरित उपचार के लिए जागरूक किया है। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में सांपों और अन्य विषैले जीव-जंतुओं का बाहर आना आम बात है, जिससे सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में घबराने की बजाय समय पर इलाज करवाना ही सबसे बड़ा बचाव है।

सीएमएचओ ने बताया कि विंध्य क्षेत्र में करैत, रसेल वाइपर और कोबरा जैसे तीन विषैले सांपों के काटने के मामले अधिक सामने आते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सर्पदंश के एक घंटे के भीतर मरीज को एंटीवेनम इंजेक्शन दे दिया जाए, तो जान बचाई जा सकती है। यह इंजेक्शन जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध है।

सर्पदंश के लक्षण और सतर्कता के उपाय

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सर्पदंश के बाद मरीज को:

  • तेज जलन,
  • उल्टी,
  • मांसपेशियों में ऐंठन,
  • आंखों की पुतलियों का फैलना,
  • चक्कर आना और
  • दम घुटने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कई बार काटे गए स्थान पर सूजन और कालापन भी आ जाता है, जो जहर के असर को दर्शाता है।

ये सावधानियां बरतना जरूरी:

  • झाड़ियों, अंधेरे या गड्ढों में हाथ न डालें।
  • रात में बाहर निकलते समय जूते पहनें।
  • झाड़-फूंक या नीम-हकीम के पास न जाएं, इससे समय बर्बाद होता है और जान का खतरा बढ़ जाता है।
  • सर्पदंश के तुरंत बाद चीरा न लगाएं और न ही काटने के स्थान को दबाएं, इससे संक्रमण हो सकता है।

सीएमएचओ ने दोहराया कि “सर्पदंश घातक जरूर है लेकिन समय पर इलाज मिलने पर जान बचाना पूरी तरह संभव है। इसलिए डरें नहीं, जागरूक बनें और समय पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।”

 

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