शहडोल बना मध्यप्रदेश का ‘हिम स्टेशन’, तीन दिन से जम रहा पारा
उत्तर भारत की बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, आठ जिलों में शीतलहर का अलर्ट
भोपाल/शहडोल। उत्तर भारत से लगातार आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर तेज कर दिया है। हवा में घुली सर्दी ने प्रदेश के कई जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है, जबकि शहडोल पिछले तीन दिनों से प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बना हुआ है। रविवार, सोमवार और मंगलवार को यहां न्यूनतम तापमान लगातार 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जिसने जनजीवन को ठिठुरा दिया है।
शहडोल में सुबह-सुबह घना कोहरा छा रहा है, वहीं रात के समय कड़ाके की शीतलहर के कारण सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं। दुकानें देर से खुल रही हैं और लोगों ने ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी ठंड ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम और ग्वालियर में तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर सहित कुल आठ जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालय में जारी बर्फबारी और उत्तर दिशा से आने वाली तेज एवं शुष्क हवाओं ने प्रदेश में ठंड को और तीव्र कर दिया है। जेट स्ट्रीम की सक्रियता के चलते तापमान में गिरावट फिलहाल जारी रहने की संभावना है।
राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान करीब 7.2 डिग्री और इंदौर में 5.7 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में यह तापमान इस सीजन का न्यूनतम रिकॉर्ड माना जा रहा है।
कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण स्कूलों के समय में बदलाव की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। वहीं प्रशासन ने नागरिकों से सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़ों का उपयोग करने और धुंध के दौरान वाहन धीरे चलाने की अपील की है।
प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों तक ठंड और बढ़ने की संभावना जताई गई है।








