एमपी में बनेगा नया जिला !
जबलपुर
मध्यप्रदेश में नए जिले की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। जबलपुर की सिहोरा तहसील को जिला बनाने की पुरानी मांग अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। आंदोलन को नई धार तब मिली, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक प्रमोद साहू ने अन्नत्याग कर अन्न-सत्याग्रह की शुरुआत कर दी। इसके पहले काल भैरव चौक मंदिर में सद्बुद्धि यज्ञ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
भूख हड़ताल पर बैठे लोग, शहर में दिखा जनाक्रोश
सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर पुराने बस स्टैंड स्थित धरना स्थल पर लगातार आंदोलन जारी है। आंदोलनकारी क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। शहर भर में जिला न बनने को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार वर्षों से सिहोरा की उपेक्षा कर रही है, जबकि जनता अब किसी भी त्याग के लिए तैयार है। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो नौ दिसंबर से अन्न के साथ जल त्याग कर आमरण सत्याग्रह शुरू कर दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सिहोरा को उसका हक यानी जिला का दर्जा नहीं मिल जाता।
अक्टूबर में खून से जलाए गए 101 दीये
सिहोरा को जिला बनाने की यह मांग नई नहीं है। करीब दो दशक से इसकी पुकार उठती रही है। इसी वर्ष अक्टूबर में भी पुराने बस स्टैंड पर लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान सैकड़ों नागरिकों ने अपने शरीर से निकले खून से 101 प्रतीकात्मक दीये जलाए थे। आंदोलनकारियों ने कहा था कि इन दीयों में तेल और बाती ही नहीं, बल्कि सिहोरा की पीड़ा, उपेक्षा और संघर्ष की आग जल रही है। यह प्रदर्शन केवल विरोध नहीं, बल्कि सिहोरा के प्रति त्याग और समर्पण का प्रतीक माना गया था।
सरकार पर दबाव बढ़ा, लोगों की उम्मीदें भी
लगातार हो रहे आंदोलनों ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि दशकों से लंबित यह मांग जल्द पूरी हो सकती है। हालांकि, अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।








