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मध्य प्रदेश में कर्मचारियों का वेतन-पेंशन नहीं अटकेगा, अगले साल से लागू होंगे नए नियम

मध्य प्रदेश में कर्मचारियों का वेतन-पेंशन नहीं अटकेगा, अगले साल से लागू होंगे नए नियम

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है। अब वेतन, पेंशन और जीपीएफ के भुगतान में देरी नहीं होगी। वित्त विभाग द्वारा इसके लिए कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं। रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए नेक्स्ट जेन परियोजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे। इससे रिटायरमेंट के बाद पेंशन और अन्य लाभों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही राज्य सरकार अगले साल से नए पेंशन नियम भी लागू करेगी।

उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों को वेतन और पेंशन के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए जीपीएफ से जुड़ा पूरा डेटा और प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। इससे रिटायरमेंट के बाद समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए विभागीय भविष्य निधि को भी पूरी तरह ऑनलाइन किया जा रहा है। यह व्यवस्था फिलहाल भोपाल जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू है, जिसे जल्द ही पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि वेतन निर्धारण प्रक्रिया को 100 प्रतिशत ई-पे के माध्यम से लागू किया गया है, जिससे 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों को हर माह की पहली तारीख को वेतन मिल रहा है। इसके अलावा केंद्रीयकृत पे-बिल जनरेशन सिस्टम शुरू किया गया है, जिससे प्रदेश के लगभग 6 हजार डीडीओ एक ही प्लेटफॉर्म से सभी श्रेणी के कर्मचारियों के पे-बिल तैयार कर सकेंगे।

रिटायर्ड कर्मचारियों को सिंगल विंडो सुविधा देने के लिए नेक्स्ट जेन परियोजना के तहत 123 करोड़ रुपये की लागत से नया सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया जाएगा। वहीं पेंशन मामलों के डिजिटलीकरण से अब पेंशन भुगतान आदेश डिजिटल सिग्नेचर के साथ जारी होंगे। सभी दस्तावेजों पर क्यूआर कोड होगा, जिसे मोबाइल से स्कैन कर पेंशनर्स अपनी जानकारी कभी भी देख सकेंगे। इसे डिजी लॉकर से भी जोड़ा जाएगा।

वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक रस्तोगी ने बताया कि अगले साल से नए पेंशन नियम लागू किए जाएंगे। इसके तहत कर्मचारियों को अपनी पसंद का फंड मैनेजर चुनने और साल में एक बार उसे बदलने का अधिकार मिलेगा। साथ ही इक्विटी में निवेश बढ़ाने की सुविधा भी दी जाएगी।

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