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सहकारी बैंक से जुड़ी सभी संस्थाएं बनीं ई-पैक्स, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ – पी.एस. धनवाल

सहकारी बैंक से जुड़ी सभी संस्थाएं बनीं ई-पैक्स, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ – पी.एस. धनवाल

सीधी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सीधी से संबद्ध सीधी एवं सिंगरौली जिलों की समस्त 93 प्राथमिक साख सहकारी संस्थाओं को भारत सरकार की पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना के अंतर्गत सफलतापूर्वक ई-पैक्स प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया है। इस उपलब्धि के साथ जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, सीधी प्रदेश की 16वीं तथा बघेलखण्ड क्षेत्र की दूसरी ऐसी जिला सहकारी बैंक बन गई है, जिसने अपनी सभी संबद्ध पैक्स को पूर्णतः डिजिटल प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य हासिल किया है।

  जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सीधी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पी.एस. धनवाल ने बताया कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि कलेक्टर एवं प्रशासक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सीधी श्री स्वरोचिष सोमवंशी के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन में प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों द्वारा नाबार्ड एवं शासन के निर्देशानुसार चरणबद्ध रूप से इस दिशा में कार्य किया जा रहा था, जो अब पूर्ण हो गया है।

 ई-पैक्स प्रणाली लागू होने से अब सभी प्राथमिक साख सहकारी संस्थाओं में लेन-देन, लेखांकन, ऋण वितरण, वसूली एवं रिकॉर्ड संधारण की प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी एवं त्वरित हो जाएगी। इससे किसानों को समय पर ऋण उपलब्धता, अद्यतन जानकारी, कम कागजी कार्यवाही तथा बैंकिंग सेवाओं तक सरल एवं सुगम पहुंच सुनिश्चित होगी। साथ ही सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं तकनीक आधारित बनेगी, जिससे सहकारिता आंदोलन को नई मजबूती मिलेगी।

किसानों को होंगे अनेक लाभ

ई-पैक्स के माध्यम से किसानों को तेज एवं पारदर्शी ऋण सुविधा मिलेगी, जिससे ऋण आवेदन, स्वीकृति एवं वितरण में समय की बचत होगी। डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से खातों, ऋण, ब्याज एवं भुगतान की सही जानकारी किसी भी समय उपलब्ध रहेगी। कई सेवाएं संस्था स्तर पर ही डिजिटल रूप से मिलने से किसानों की भाग-दौड़ कम होगी। साथ ही सब्सिडी, बीमा एवं अन्य भुगतान सीधे और ट्रैक योग्य होने से पारदर्शिता बढ़ेगी।

सहकारी संस्थाओं को मिलेगा सशक्त आधार

डिजिटलीकरण से संस्थाओं में ऑनलाइन लेखांकन संभव होगा, जिससे ऑडिट प्रक्रिया आसान और त्रुटियां कम होंगी। रीयल-टाइम डेटा उपलब्ध होने से लेन-देन, वसूली एवं बकाया की तत्काल जानकारी मिलेगी तथा सिस्टम आधारित नियंत्रण से धोखाधड़ी में कमी आएगी। जिला, राज्य एवं एपेक्स बैंक को रिपोर्टिंग भी त्वरित एवं सटीक होगी।

बैंक एवं शासन के लिए भी लाभकारी

ई-पैक्स से बैंक एवं शासन को बेहतर निगरानी, नीति निर्माण हेतु सटीक आंकड़े तथा अधिक किसानों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में सहायता मिलेगी। साथ ही शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक तेज एवं प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

उन्नत डिजिटल सुविधाएं होंगी उपलब्ध

ई-पैक्स के अंतर्गत सीबीएस/कोर बैंकिंग इंटीग्रेशन, मोबाइल एवं वेब आधारित कार्यप्रणाली, सुरक्षित डेटा बैक-अप तथा भविष्य में ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार की सुविधा उपलब्ध होगी।

 इस प्रकार प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण से किसानों, संस्थाओं एवं बैंक, तीनों को व्यापक लाभ मिलेगा और सहकारिता व्यवस्था को नई दिशा प्राप्त होगी।

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