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Sidhi: वर्षों बाद भी शौचालय की राशि के लाले

स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत उजागर: सीधी के गरीब हितग्राही को वर्षों बाद भी नहीं मिली शौचालय की प्रोत्साहन राशि, प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल

सीधी (मध्यप्रदेश)। केंद्र और राज्य सरकार जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को देश की सबसे सफल जनकल्याणकारी योजनाओं में गिन रही है, वहीं जमीनी स्तर पर इसकी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। जिला सीधी के जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत ग्राम पंचायत अमिलई से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि एक गरीब हितग्राही के वर्षों से चले आ रहे दर्द, संघर्ष और अपमान को भी सामने ला दिया है।

ग्राम अमिलई निवासी लालमन तिवारी, जो कि BPL धारक एवं पात्र हितग्राही हैं, ने आरोप लगाया है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत निजी शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि उन्हें आज तक नहीं दी गई, जबकि उनका नाम SBM पोर्टल और e-GramSwaraj पोर्टल दोनों में दर्ज है।

पोर्टल में नाम दर्ज, फिर भी भुगतान शून्य

पीड़ित लालमन तिवारी का कहना है कि उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप अपने घर में शौचालय का निर्माण कराया, ताकि खुले में शौच से मुक्ति मिल सके। योजना के अनुसार उन्हें निर्धारित प्रोत्साहन राशि मिलनी थी, लेकिन सालों बीत जाने के बावजूद एक भी पैसा उनके खाते में नहीं आया

सबसे हैरानी की बात यह है कि जब वे संबंधित अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो कभी कहा जाता है कि “आपका नाम सूची में नहीं है”, तो कभी उन्हें APL बताकर BPL होने के वैध दस्तावेजों को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि पोर्टल पर उनकी पात्रता स्पष्ट रूप से दर्ज है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी केवल औपचारिकता

न्याय की आस में लालमन तिवारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सहारा लिया, लेकिन वहां भी उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लगी। उन्होंने अब तक चार बार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, जिनके क्रमांक इस प्रकार हैं—

35097732
35348377
35761703
36326843

पीड़ित का आरोप है कि हर बार शिकायत को गलत एवं भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर बंद कर दिया गया। न तो उन्हें कोई लिखित जवाब दिया गया, न ही किसी तरह के दस्तावेजी प्रमाण पोर्टल पर अपलोड किए गए। शिकायतों का वास्तविक निराकरण करने के बजाय केवल “समस्या हल” का औपचारिक टिक लगाकर प्रकरण बंद कर दिया गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची गुहार

जब जिला और राज्य स्तर पर भी सुनवाई नहीं हुई, तो हताश होकर लालमन तिवारी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई। पीएमओ में दर्ज शिकायत क्रमांक हैं—

PMOPG/D/2025/0213255
PMOPG/D/2025/0233555

इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई या भुगतान नहीं हो सका, जिससे पीड़ित की निराशा और बढ़ती जा रही है।

गरीब का सवाल: क्या योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?

लालमन तिवारी का कहना है कि वे बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटते हैं, लेकिन हर जगह उन्हें सिर्फ टालने वाले जवाब मिलते हैं। कभी कहा जाता है “जांच चल रही है”, कभी “फाइल ऊपर भेजी गई है”, तो कभी “आप पात्र नहीं हैं”, जबकि सारे प्रमाण उनके पास मौजूद हैं।

पीड़ित का दर्द यह है कि सरकारी योजनाएं गरीबों के नाम पर बनाई जाती हैं, लेकिन उनका लाभ अक्सर भ्रष्टाचार, लापरवाही और फर्जी रिपोर्टिंग की भेंट चढ़ जाता है

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प्रशासनिक लापरवाही या सुनियोजित भ्रष्टाचार?

इस पूरे मामले ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि एक पात्र BPL हितग्राही का नाम पोर्टल में दर्ज होने के बावजूद वर्षों तक राशि से वंचित रखा जा सकता है, तो यह या तो घोर प्रशासनिक लापरवाही है या फिर सुनियोजित भ्रष्टाचार

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि शिकायतों के निराकरण में गलत जानकारी देकर मामले बंद कर दिए जा रहे हैं, जो कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सीधा प्रहार है।

निष्पक्ष जांच और भुगतान की मांग

लालमन तिवारी ने मांग की है कि उनके मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए, संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच हो और उन्हें शीघ्र शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाए।

उनका कहना है कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो यह मामला स्वच्छ भारत मिशन में भ्रष्टाचार और गरीबों के साथ अन्याय का जीवंत उदाहरण बन जाएगा।

पीड़ित का विवरण (समाचार हेतु)

नाम: लालमन तिवारी
ग्राम: अमिलई
ग्राम पंचायत: अमिलई
जनपद पंचायत: रामपुर नैकिन
जिला: सीधी (मध्यप्रदेश)
योजना: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)

यह मामला केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों गरीब हितग्राहियों की आवाज है, जो सरकारी योजनाओं की फाइलों और पोर्टलों में तो पात्र हैं, लेकिन हकीकत में लाभ से वंचित हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कब तक नजरअंदाज करता है या फिर सच में गरीब के दर्द को समझते हुए न्याय दिलाता है।

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