सीधी समेत प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 119 राजस्व निरीक्षकों के तबादले, कई को प्रभारी नायब तहसीलदार का प्रभार
भोपाल मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेशभर में 119 राजस्व निरीक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश वल्लभ भवन, मंत्रालय भोपाल से जारी किया गया है। तबादलों में सीधी जिले का भी उल्लेख है, जहां से अधिकारियों का स्थानांतरण अन्य जिलों में किया गया है तथा अन्य जिलों से अधिकारियों की पदस्थापना की गई है।

जारी आदेश के अनुसार, स्थानांतरित राजस्व निरीक्षकों को नवीन पदस्थापना जिलों में प्रभारी नायब तहसीलदार का प्रभार देते हुए तत्काल प्रभाव से पदस्थ किया गया है। सभी स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर किए गए हैं।
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स्थानांतरण नीति 2025 के बाद विशेष आदेश
आदेश में उल्लेख है कि यदि राजस्व न्यायालयीन कार्य के लिए अधिकारियों के स्थानांतरण की आवश्यकता होती है, तो विभाग द्वारा निर्धारित स्थानांतरण नीति 2025 की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी एक बार स्थानांतरण किया जा सकता है। उसी क्रम में यह व्यापक फेरबदल किया गया है।
सेवा शर्तें व प्रावधान
शासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यवाहक नायब तहसीलदार के रूप में कार्य करने वाले राजस्व निरीक्षक अपने मूल पद पर वरिष्ठता या वेतन-भत्तों का अतिरिक्त दावा नहीं कर सकेंगे।
यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच या आपराधिक प्रकरण लंबित है, तो उसका प्रभार नियमानुसार प्रभावित होगा।
साथ ही, शासन को आवश्यकता पड़ने पर यह प्रभार किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के निरस्त करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
प्रदेशव्यापी प्रभाव
तबादलों की सूची में इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, छतरपुर, पन्ना, विदिशा, श्योपुर, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, गुना, दतिया, राजगढ़, नीमच, नरसिंहपुर सहित कई जिलों के नाम शामिल हैं। सीधी जिले से भी राजस्व निरीक्षकों का स्थानांतरण अन्य जिलों में किया गया है, जिससे जिले की राजस्व व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा।
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राजस्व विभाग के इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक कसावट और न्यायालयीन कार्यों के सुचारू संचालन से जोड़कर देखा जा रहा है।








