राजस्व मामलों में ढिलाई पर सख्त कलेक्टर: तहसीलदारों और रीडरों को कारण बताओ नोटिस
सिंगरौली। जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर गौरव बैनल ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्टर ने तहसीलदार कोर्ट माड़ा, अमिलिया और मकरोहर का औचक निरीक्षण कर लंबित मामलों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने माड़ा राजस्व सर्किल न्यायालय में लंबित प्रकरणों की नस्तियों और प्राप्त आवेदनों का अवलोकन किया। इस दौरान यह पाया गया कि कई मामलों को निर्धारित समय पर दर्ज ही नहीं किया गया था। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कोर्ट के वर्तमान रीडर को फटकार लगाई और तहसीलदार जान्हवी शुक्ला को निर्देश दिए कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों को दर्ज कर सात दिनों के भीतर उनके निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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जांच के दौरान यह भी सामने आया कि माड़ा सर्किल में पूर्व प्रभारी तहसीलदार सुनील दत्त मिश्रा के कार्यकाल में कई महीनों तक राजस्व प्रकरण दर्ज नहीं किए गए थे। सीमांकन और बेदखली जैसे महत्वपूर्ण मामलों में भी सुनवाई नहीं हुई थी। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार और रीडर जगजाहिर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इसके बाद कलेक्टर ने मकरोहर सर्किल न्यायालय का निरीक्षण किया, जहां सीमांकन से जुड़े कई मामले एक वर्ष से अधिक समय से लंबित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार प्रतीक्षा सिंह और कोर्ट रीडर सौरभ सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने अमिलिया राजस्व न्यायालय का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने तहसीलदारों को सप्ताह में निर्धारित दिन नियमित रूप से कोर्ट संचालित करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए।
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इसके साथ ही सीमांकन, बंटवारा, बेदखली और सीएम हेल्पलाइन से जुड़े मामलों का समयसीमा में समाधान करने पर विशेष जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील कार्यालय पहुंचे आवेदकों और अधिवक्ताओं से भी मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि राजस्व मामलों की नियमित सुनवाई कर उनका शीघ्र निराकरण कराया जाएगा।








