अमावस्या पर सोन नदी में बड़ा हादसा, चार लोग नदी में डूबे
सीधी। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में अमावस्या के अवसर पर सोन नदी के भंवरसेन घाट में एक दर्दनाक हादसा हो गया। स्नान के लिए पहुंची तीन युवतियां नदी के गहरे पानी में फंसकर डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए साहस दिखाते हुए नदी में कूदे एक युवक भी तेज बहाव और गहराई की चपेट में आ गया। हादसे में कुल चार लोगों के डूबने की सूचना से पूरे क्षेत्र में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ज्योति सेन (17 वर्ष), शुभी सेन (15 वर्ष) और नीलू बैस (22 वर्ष) निवासी बूढ़ा बाडर थाना रामनगर अमावस्या पर सोन नदी के भंवरसेन घाट में स्नान करने पहुंची थीं। स्नान के दौरान तीनों युवतियां नदी के उस हिस्से में चली गईं जहां पानी अधिक गहरा था। देखते ही देखते वे डूबने लगीं।
युवतियों को संकट में देख लखन केवट (26 वर्ष) निवासी जोगरपुर जिला राजगढ़, जो अपनी ससुराल शिकारगंज आया हुआ था, उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा। हालांकि बचाव का प्रयास करते समय वह स्वयं भी तेज बहाव और गहराई में फंस गया और डूब गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। पुलिस, प्रशासन और राहत दल भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। देर शाम तक बचाव दल को ज्योति सेन का शव बरामद करने में सफलता मिली, जबकि शुभी सेन, नीलू बैस और लखन केवट की तलाश जारी रही।
हादसे के बाद मृतका और लापता लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भंवरसेन घाट लंबे समय से हादसों के लिए बदनाम रहा है। यहां नदी के कई हिस्सों में खतरनाक भंवर और गहरी जलधाराएं मौजूद हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घाट के खतरनाक क्षेत्रों में बैरिकेडिंग कराई जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और पर्व-त्योहारों के दौरान गोताखोरों एवं सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। फिलहाल प्रशासन द्वारा राहत एवं खोज अभियान जारी है और तीनों लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोर लगातार प्रयास कर रहे हैं। पूरे जिले की नजरें अब इस अभियान के परिणाम पर टिकी हुई हैं।
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