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सीधी: दुकान में चोरी के बाद आगजनी का आरोप, मकान समेत 50 लाख

दुकान में चोरी के बाद आग लगाने का आरोप, मकान धू-धूकर जला; लाखों का सामान राख

सीधी। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम डांडी पोस्ट बमुरी में 19 अगस्त की रात एक दुकान और दो मंजिला मकान में लगी भीषण आग ने पूरे परिवार की मेहनत और रोजी-रोटी का सहारा देखते ही देखते राख में बदल दिया। दुकान संचालक सुजीत कुमार जायसवाल ने 20 अगस्त को मीडिया के सामने घटना की जानकारी देते हुए करीब 50 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है।

सुजीत कुमार के मुताबिक वह रोज की तरह 19 अगस्त की शाम करीब 8 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। इसके करीब एक घंटे बाद गांव के लोगों ने फोन कर बताया कि उनकी दुकान में आग लग गई है। सूचना मिलते ही वह अपने भाइयों के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था।

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आग इतनी भीषण थी कि दुकान के साथ दो मंजिला मकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मकान की छत और पिलर तक टूटने की बात दुकान संचालक ने बताई है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दुकान में रखा लगभग पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया।

मोबाइल से लेकर किराना और नकदी तक सब कुछ जलकर राख

दुकान संचालक के अनुसार आग में मोबाइल, किराना सामग्री, कपड़े, बर्तन, जूते-चप्पल, कंप्यूटर, लैपटॉप, यूनियन बैंक की कियोस्क मशीन और करीब 40 हजार रुपये नकद समेत अन्य सामान जलकर राख हो गया।

सुजीत कुमार का कहना है कि दुकान ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन थी। ऐसे में दुकान और मकान दोनों के तबाह होने से परिवार के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

आग में झुलसे युवक के बयान से उठे गंभीर सवाल

घटना के बाद मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब गांव का ही रविंद्र यादव, पिता राजकरण यादव, आग में झुलस गया और उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

दुकान संचालक के अनुसार, पूछताछ के दौरान रविंद्र यादव ने कथित तौर पर बताया कि आग लगने से पहले राजेश सिंह गोंड, पिता हीरा सिंह गोंड और दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दुकान के रोशनदान को तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया था और चोरी की गई थी।

इसके बाद दुकान संचालक ने आरोप लगाया कि पहले दुकान में चोरी की गई और फिर दुकान को आग के हवाले कर दिया गया।

हालांकि, यह आरोप फिलहाल पुलिस जांच का विषय है। घटना के संबंध में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग दुर्घटनावश लगी थी अथवा चोरी के बाद जानबूझकर आगजनी की गई।

112 पर दी सूचना, पुलिस जांच से खुलेगा पूरा राज

घटना की सूचना सुजीत कुमार जायसवाल द्वारा 112 के माध्यम से सिटी कोतवाली पुलिस को दी गई। उन्होंने पुलिस के समक्ष मौखिक रूप से भी घटना की जानकारी देने की बात कही है।

अब पूरे मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गई है। दुकान में चोरी हुई थी या नहीं, आग कैसे लगी, आग लगाने के आरोप कितने सही हैं और घटना के पीछे कौन लोग शामिल हैं—इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

परिवार के सामने खड़ा हुआ बड़ा आर्थिक संकट

आगजनी में दुकान, मकान और लाखों रुपये की सामग्री नष्ट होने के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, घटना की वास्तविकता सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि चोरी के बाद जानबूझकर आग लगाने की बात जांच में सही साबित होती है, तो मामला और गंभीर हो सकता है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि इस आग के पीछे की असली कहानी आखिर क्या है।https://www.facebook.com/share/r/19AGyXQ7sE/

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