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Sidhi news: सीधी- 11 लीटर कि टंकी में साढ़े तेरह लीटर पेट्रोल, पंप संचालक का अनोखा खेल….. 

सीधी- 11 लीटर कि टंकी में साढ़े तेरह लीटर पेट्रोल, पंप संचालक का अनोखा खेल….. 

सीधी जिले में आज एक प्रसिद्ध पेट्रोल पंप संचालक की अनोखी करतूत सामने आई है। जहां 11 लीटर की मोटरसाइकिल की टंकी में साढ़े 13 लीटर से अधिक पेट्रोल भर दिया गया जबकि उसमें करीब 1 लीटर पेट्रोल पहले से भी था बाइक चालक द्वारा जब इसका विरोध किया गया तो पुलिस की मौजूदगी में टंकी से तेल निकलवाया गया और पेट्रोल पंप संचालक की करतूत उजागर हो गई। हालांकि सारा दोष पेट्रोल डालने वाले कर्मचारी पर मढ़ कर संचालक ने अपना पल्ला झाड़ लिया लेकिन यह कहां तक सही है सोचने का विषय है। 

जी हां बता दे की शहर के पश्चिमी छोर पर स्थित यशराज पेट्रोल पंप में आज उसे वक्त अफरा तफरी मच गई जब एक बाइक सवार द्वारा बाइक में कम पेट्रोल डालने की शिकायत पुलिस थाने में कर दी गई।आनन-फानन में थाने से पुलिस पहुंची और पीड़ित को राहत दिलाने में जुट गई। पीड़ित द्वारा पहुंचे पुलिस कर्मियों को बताया गया कि वह राजस्थान का रहने वाला है यहां कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मडरिया में किराए का घर लेकर रहता है और टाइल्स लगाने का काम करता है आज उसके द्वारा यशराज पेट्रोल पंप पर बाइक में फुल टंकी तेल डालने के लिए बोला गया जिस पर पेट्रोल पंप के कर्मचारियों द्वारा उसकी बाइक में ₹1500 कीमत का 13.62 लीटर पेट्रोल डाल दिया गया। कोप तेल डलवाने के पहले उसकी गाड़ी में 1 लीटर तेल पहले से भी था इसके बाद भी टंकी फुल नहीं हुई। आश्चर्य की बात तो तब उत्पन्न हुई जब पुलिस द्वारा जानकारी एकत्र करने पर पता चला कि उक्त बाइक की टंकी महज 11 लीटर की ही होती है तो उसमें इतना पेट्रोल समा कैसे गया फिर क्या था आनन-फानन में बाइक से पूरा तेल निकलवाया गया और बिना चले ही जहां बाइक में साढ़े 13 लीटर से अधिक पेट्रोल होना चाहिए था वहां पर 11 लीटर ही पेट्रोल बाहर आ सका। साफ तौर पर कम नाप का मामला उजागर हुआ लेकिन संचालक द्वारा बार-बार यही बोला जाता रहा की टंकी में ऐसा हो ही नहीं सकता लेकिन जब पूरा तेल बाहर निकाला तो संचालक के हाथ पांव फूल गए और उसके द्वारा शिकायतकर्ता की मान मनौवत कर समझौता कर लिया गया और बाकी का पैसा उसे वापस कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा भी दोनों पक्षों में समझौता करा कर उन्हें संतुष्ट कर दिया गया। और पेट्रोल पंप संचालक द्वारा पूरी गलती का ठीकरा केवल पेट्रोल डालने वाले कर्मचारी के ऊपर फोड़ दिया गया। 

 

आज सीधी जिले में घाटे इस मामले ने पेट्रोल पंप संचालकों की पोल खोल दी है एक ओर जहां डिजिटल मीटर की दुहाई देते हुए इनके द्वारा सही माप का दम भरा जाता है वही लोगों को प्रत्येक लीटर में चूना लगाया जाता है और इस ओर ज्यादातर कोई ध्यान भी नहीं देता लेकिन सोचने वाली बात है कि जब बाइक की टंकी 11 लीटर की है जिसमें 1 लीटर तेल पहले से है फिर 13.62 लीटर तेल टंकी में डाला कैसे गया तेल डलवाने वाले के पास बाकायदा पेट्रोल पंप संचालक के नाम की दिन तारीख समय सहित पर्ची है जिस पर लिखा गया की ₹1500 का तेल 13.62 लीटर गाड़ी में डाला गया और उसी स्थान पर जब गाड़ी से तेल वापस निकलवा कर लीटर में नापा गया तो तेल कम पाया गया कहीं ना कहीं खेल तो जरूर है लेकिन इस खेल की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता जो जिम्मेदार लोग हैं वह पुरानी परंपरा में बंधे हैं ना तो कभी जांच होती है और ना ही कभी इस ओर कार्यवाही होती है समय-समय पर इसी तरह की छोटी-छोटी घटनाएं पेट्रोल पंप संचालकों की कारगुजारियां उजागर करती हैं

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