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मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: 24,200 करोड़ की मंजूरी, इंदौर मेट्रो को मिली बड़ी सौगात

मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: 24,200 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी, इंदौर मेट्रो और स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) बैठक में प्रदेश के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, वन्यजीव संरक्षण, श्रमिक कल्याण और जनजातीय उत्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए कुल 24,200 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की।https://sidhi24news.in/archives/29905

बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 19,472 करोड़ 29 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। इस निर्णय से प्रदेश के सबसे बड़े शहरी परिवहन प्रोजेक्ट को गति मिलेगी और भविष्य में इंदौर शहर की यातायात व्यवस्था अधिक आधुनिक एवं सुविधाजनक बन सकेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 के प्रस्ताव पर विचार करते हुए एक 5 सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उप समिति गठित करने का निर्णय लिया। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स मॉडल के तहत संचालित करने के पायलट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने प्रोजेक्ट टाइगर, प्रोजेक्ट एलिफेंट तथा 94 गांवों के पुनर्वास के लिए 2,381 करोड़ 15 लाख रुपये स्वीकृत किए। इस राशि से टाइगर रिजर्व, कूनो राष्ट्रीय उद्यान एवं अन्य संरक्षित क्षेत्रों में हैबिटेट सुधार, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।

श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्रमिक कल्याण योजनाओं, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा औद्योगिक सुरक्षा उपायों के लिए 531 करोड़ 78 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। वहीं जनजातीय विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने हेतु 687 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

कैबिनेट ने रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने और ककून उत्पादकों, बुनकरों एवं उद्यमियों की आय में वृद्धि के लिए 639 करोड़ 25 लाख रुपये मंजूर किए। इसके अलावा स्थानीय निधि संपरीक्षा (ऑडिट) व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 492 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

राज्य सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से प्रदेश में अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, रोजगार के नए अवसरों का सृजन और समावेशी विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।https://www.facebook.com/share/p/1EocdycHxH/

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