तीन महीने बाद मिला डंपर ऑपरेटर का कंकाल, एसईसीएल ओसीएम खदान हादसे का दर्दनाक अंत
शहडोल।
शहडोल जिले के धनपुरी क्षेत्र में स्थित एसईसीएल की ओपन कास्ट माइन (ओसीएम) खदान में 11 अक्टूबर 2025 को हुए हादसे का तीन महीने बाद दर्दनाक खुलासा हुआ है। हादसे में लापता डंपर ऑपरेटर अनिल कुशवाहा का शव मंगलवार को बरामद कर लिया गया। रीवा निवासी अनिल कुशवाहा का शव खदान में डूबे डंपर के अंदर कंकाल के रूप में मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2025 को बंद पड़ी ओसीएम खदान में मिट्टी भरने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान डंपर चालक अनिल कुशवाहा का वाहन अनियंत्रित होकर खदान के गहरे पानी में जा गिरा। डंपर चालक सहित लगभग 100 फीट से अधिक गहराई में भरे पानी में डूब गया। घटना के बाद से ही चालक लापता था।
हादसे के तुरंत बाद एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ अनूपपुर की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था, लेकिन खदान की अत्यधिक गहराई और भारी मात्रा में भरे पानी के कारण उस समय न तो डंपर निकाला जा सका और न ही ऑपरेटर का पता चल पाया।
बीते तीन महीनों से एसईसीएल प्रबंधन द्वारा खदान से लगातार पानी निकालने और मिट्टी भरने का कार्य किया जा रहा था। पानी का स्तर काफी कम होने के बाद मंगलवार को खदान के भीतर डूबा हुआ डंपर दिखाई दिया। इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई।
सूचना मिलते ही कलेक्टर के निर्देश पर शहडोल से एसडीईआरएफ की 8 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। टीम में प्रभारी कोलम सिंह के नेतृत्व में 6 एसडीईआरएफ और 1 होमगार्ड जवान शामिल थे। रेस्क्यू दल ने डंपर के अंदर से अनिल कुशवाहा के शव को कंकाल के रूप में बाहर निकाला।
शव मिलने के बाद अमलाई ओपन कास्ट माइन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मौके पर भारी पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रेस्क्यू टीम अब एसईसीएल प्रबंधन के सहयोग से डंपर को पूरी तरह बाहर निकालने का प्रयास कर रही है।
इस हादसे ने खदानों में सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन महीने बाद मिले इस कंकाल ने मृतक के परिजनों के जख्मों को फिर हरा कर दिया है। प्रशासनिक स्तर पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।








