Sidhi news:तहसीलदार गोपद बनास पर रिश्वत मांगने का आरोप,फरियादी पहुंचे कलेक्ट्रेट,सुनाई अपनी व्यथा
सीधी- तहसीलदार गोपद बनास पर 95 वर्षीय महिला द्वारा एक लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है और बाकायदा कलेक्टर के नाम शिकायती पत्र आज डिप्टी कलेक्टर प्रिया पाठक को दिया गया है। आवेदक का आरोप है कि राजस्व अभिलेख शुद्ध करने के एवज में तहसीलदार द्वारा एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है और राशि न देने पर फाइल को ठंडा बस्ते में दबा दिया गया है। वहीं डिप्टी कलेक्टर द्वारा शिकायती पत्र लेते हुए जांच करने की बात कही गई है।

जी हाँ बता दे कि आज जिला कलेक्ट्रेट सीधी में फुल्ली पत्नी नारायण साहू निवासी ग्राम अमहा सीधी, तहसील गोपद बनास, जिला-सीधी कि ओर से शिकायती पत्र लेकर पहुंचे परिजनों द्वारा गोपद बनास तहसीलदार जान्हवी शुक्ला पर प्रताड़ना और रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया है उनके द्वारा कलेक्टर के नाम शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया गया है कि प्रार्थिया 95 वर्ष की निरक्षर वृद्ध महिला है, जो कही आने- जाने में अक्षम व असमर्थ है, उसके जीवन का कोई ठिकाना नही है। प्रार्थी की कमजोरी का नाजायज लाभ जान्हवी शुक्ला तहसीलदार द्वारा लिया जा रहा है, जिससे जान्हवी शुक्ला के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही कराया जाना तथा प्रार्थिया को त्वरित न्याय शुलभ कराया जाना उचित है।
शिकायती पत्र में बताया गया है कि व्यवहार न्यायालय वरिष्ठ खण्ड सीधी के व्यवहारवाद क्र० RCSA/1600287/2015 निर्णय दिनांक 26-04-2023 से उद्भुत अतिरिक्त जिला न्यायालय सीधी के अपील क्रO RCA/89/2023 मे पारित निर्णय दिनांक प्रार्थी द्वारा 08-08-2023 का पालन करने हेतु प्रार्थी द्वारा अगस्त 2023 में तहसीलदार गोपद बनास के समक्ष आवेदन दिया गया था, जिसका प्र० क्र० 0223/अ-74/2023-24 है में आदेश पारित करने हेतु “जान्हवी शुक्ला” तहसीलदार तहसील गोपद बनास, जिला-सीधी म०प्र० द्वारा प्रार्थिया से एक लाख रु० की रिश्वत मांगी जा रही है, प्रार्थी द्वारा उक्त रिश्वत न दे पाने के कारण प्रार्थी का प्रकरण ठण्डे बस्ते में रख दिया गया है और कहा जा रहा है कि जब तक एक लाख रु० आवेदिका नहीं देगी उसके नाम की इत्तलायवी नही की जावेगी।
फरियादी ने आगे बताया कि कथित सिविल डिक्री के खिलाफ प्रस्तुत अपील मानमीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा भी खारिज हो चुकी है, कहीं भी कोई अपील/स्थगन आदि नहीं है, जिससे तहसीलदार, सिविल न्यायालय की डिक्री के अनुशरण में राजस्व अभिलेख बनाने हेतु आबद्ध है, परंतु रिश्वत के अभाव में प्रार्थिया की इत्तलायवी नही की जा रही है।

पूरे मामले में शिकायती पत्र लेने के बाद डिप्टी कलेक्टर प्रिया पाठक ने मिडिया से मुखातिब होतें हुए बताया है कि पूरे मामले में कलेक्टर सीधी के मार्गदर्शन में टीम गठित कर जांच की जाएगी बिना जांच के किसी पर कार्यवाही नहीं की जा सकती यह एक प्रक्रिया है जिस में समय लगेगा और जांच के बाद इस पर उचित कार्यवाही की जाएगी।








