पत्नी साथ जाने की करती थी जिद, पटवारी पती ने कर दी हत्या
जबलपुर में एक पटवारी ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी, क्योंकि वह रिश्तेदारी, शादी और दूसरे फंक्शंस में उसे और डेढ़ साल के बेटे को साथ ले जाने की जिद करती थी। मामला 22-23 अप्रैल की दरमियानी रात का कुंडम थाना इलाके का है।
आरोपी पटवारी रंजीत मार्को (32) शव बाइक पर बांधकर घर से 5 किलोमीटर दूर सीतापुर बांध में फेंक आया। फिर थाने जाकर बोला, ‘पत्नी लापता हो गई है, तलाश कीजिए।’ इसके बाद से आराम से नौकरी कर रहा था। पुलिस को यही बात खटकी। उसे उठाकर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो टूट गया।
महिला का शव शुक्रवार (26 अप्रैल) को बांध से बरामद हुआ। आरोपी डिंडौरी जिले की शहपुरा तहसील में पदस्थ है। एएसपी प्रदीप शेंडे ने बताया कि आरोपी ने गुमराह करने की बहुत कोशिश की। कई बार उसने अपने बयान भी बदले। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
आरोपी रंजीत मार्को मूलतः कुंडम तहसील के ग्राम चौरई का रहने वाला है। उसके पिता रामसिंह चौरई से कुछ दूर एक गांव में सचिव हैं। रंजीत की सरला (29) से पहली मुलाकात 2019 में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। सरला सिवनी जिले के घंसौर की रहने वाली थी। दोनों एक ही समाज के हैं। रंजीत इंदौर में बीए की पढ़ाई कर रहा था, सरला भी यहीं से बीकॉम कर रही थी।
इंदौर में दोनों में मुलाकातें होने लगीं। 2021 में कोविड के दौरान परिवार के कुछ लोगों की मौजूदगी में दोनों ने शादी कर ली। इसके बाद रंजीत की पटवारी के पद पर नौकरी लग गई। रंजीत पहले डिंडौरी मुख्यालय पर पदस्थ था। बाद में उसने अपना ट्रांसफर शहपुरा तहसील करा लिया। यहां से उसके गांव चौरई की दूरी 30 किलोमीटर है। वह रोजाना अप-डाउन करता था।
शादी के एक साल बाद विवाद
शादी के शुरुआती एक साल रंजीत घूमने या फिर किसी सरकारी काम से जबलपुर या भोपाल जाया करता था, तो अपने साथ सरला को जरूर ले जाता। शादी के दो साल बाद सरला ने बेटे को जन्म दिया। वह रंजीत से इसलिए नाराज थी कि अब जब कभी भी रिश्तेदारी में जाया करता था तो उसे साथ में लेकर नहीं जाता था। पिता ने भी बेटे रंजीत को समझाया कि बहू को साथ ले जाया करो, लेकिन वह नजरअंदाज करने लगा। घटना के एक हफ्ते पहले भी दोनों में विवाद हुआ था।
यूट्यूब पर सर्च किया शव ठिकाने लगाने का तरीका
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 16 अप्रैल को रिश्तेदारी में शादी थी। वह सरला को साथ नहीं ले गया। इस बात पर दोनों में झगड़ा हुआ। पांच दिन से हर दिन सरला उससे विवाद कर रही थी, इसीलिए उसने हत्या का प्लान बनाया। यूट्यूब पर सर्च किया कि बॉडी को पत्थर से बांधकर पानी में फेंक दो, तो वह ऊपर नहीं आती।
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मोबाइल रास्ते में फेंका, ताकि पुलिस गुमराह होती रहे
पूछताछ में रंजीत ने पुलिस को बताया कि 22 अप्रैल की रात 9 बजे वह घर आया तो पत्नी ने फिर झगड़ा किया। पिता ने समझाकर शांत कराया। रात 11 बजे कमरे में फिर कहासुनी हुई। उसने गला घोंटकर पत्नी की हत्या कर दी। शव सफेद पॉलीथिन में डाला और सभी के सो जाने का इंतजार करने लगा।
तड़के 3 बजे बाइक पर शव बांधा और घर से 5 किलोमीटर सीतापुर डैम ले गया। इस समय सुबह के 4 बज चुके थे। ग्रामीणों की चहलकदमी देख उसने शव को पानी में चट्टानों के बीच झाड़ियों से ढंक दिया।
आरोपी ने पत्नी का मोबाइल घर से कुछ दूर रास्ते में फेंक दिया था, जिससे कि पुलिस को मोबाइल की लोकेशन घर से दूर मिले। लगे कि वह कहीं चली गई है। 23 अप्रैल की सुबह 11 बजे कुंडम थाने पहुंचकर गमशदगी की रिपोर्ट दर्ज कराईपुलिस को सरला की फोटो देते हुए बताया कि 22 अप्रैल की रात वह बिना कुछ बताए अपना मोबाइल लेकर कहीं चली गई है। डेढ़ साल का बच्चा घर पर ही है।
पुलिस में शिकायत करने के बाद आरोपी नौकरी पर जाने लगे। पुलिस को उस पर शक हुआ। एएसपी प्रदीप शेंडे ने बताया कि पुलिस टीम चौरई गांव पहुंची। सरला को मोबाइल गांव के पास की रोड पर चालू हालत में मिला। गांव में पूछताछ की तो पति-पत्नी के बीच झगड़े की बात सामने आई।
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कुंडम थाना प्रभारी अनूप नामदेव ने बताया कि रंजीत को थाने आने का कहा तो वह काम का बहाना बनाने लगा। इसके बाद फिर पुलिस उसके गांव पहुंची और उसे हिरासत में लेकर थाने आई। रंजीत की निशानदेही पर एसडीआरएफ की टीम ने डैम में डूबे सरला के शव को पानी से बाहर निकाला। पॉलिथीन में पत्थर भरे हुए थे।








