मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया हाईटेक गौ-शाला का भूमि-पूजन, गौ-पालन को बढ़ावा देने का संकल्प
भोपाल, 23 नवम्बर 2024: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल के ग्राम बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला के निर्माण का भूमि-पूजन किया। इस गौ-शाला के निर्माण का उद्देश्य प्रदेश में गौ-वंश के संरक्षण, उनकी देखभाल और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस परियोजना पर लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत आएगी, और यह 25 एकड़ क्षेत्र में बनेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा, “गौ-माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है। जो भी गोवंश का पालन करता है, वही गोपाल है। इसलिए हमें गौ-पालन को प्रोत्साहित करना चाहिए और इसे धर्म, जाति और क्षेत्र की सीमाओं से परे समझना चाहिए।” उन्होंने कहा कि भारत में सभी धर्मों और जातियों के लोग गौ-पालन करते हैं, जो हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
इस गौ-शाला में गायों के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। गायों को कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से भूसा, हरा घास और पशु आहार दिया जाएगा, और उनका इलाज करने के लिए एक चिकित्सा वार्ड भी होगा। साथ ही, गौ-शाला में सीसीटीवी के माध्यम से निरंतर निगरानी रखी जाएगी। इसमें गायों के गोबर और मूत्र से जैविक खाद बनाने के लिए एक संयंत्र भी स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन किया जाएगा और सीएम राइज विद्यालय के रूप में सूखी सेवनिया के शासकीय विद्यालय को विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, बरखेड़ी डोब को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे।
गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में इस वर्ष को मनाते हुए, राज्य सरकार ने 300 गौ-शालाओं का पंजीकरण किया है, और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की योजना लागू करेगी। मध्यप्रदेश वर्तमान में देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9% योगदान देता है, जिसे अगले 5 वर्षों में 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वामी श्री अच्युतानंद जी महाराज ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है और प्रदेश में लगभग 50 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की है।
पशुपालन मंत्री श्री लखन पटेल और विश्वास सारंग जैसे जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे प्रदेश के समग्र विकास के लिए अहम कदम बताया।
यह हाईटेक गौ-शाला न केवल गौ-वंश के संरक्षण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि यह स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत वित्त पोषित की जाएगी और नगर निगम द्वारा संचालित की जाएगी।








