सीधी: सहायक आयुक्त डी.के. द्विवेदी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
सीधी जिले में लोकायुक्त रीवा की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डी.के. द्विवेदी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने सुकवारी में पदस्थ चपरासी सुखलाल कोल का स्थानांतरण आदेश खारिज करने के लिए 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
15,000 पहले ले चुके थे, 5,000 लेते पकड़े गए
लोकायुक्त के अनुसार, डी.के. द्विवेदी ने पहले ही 15,000 रुपये की रिश्वत वसूल ली थी। शुक्रवार को शेष 5,000 रुपये लेने के दौरान अपने कार्यालय में उन्हें गिरफ्तार किया गया।
सर्किट हाउस में चल रही कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त की टीम ने सर्किट हाउस में डी.के. द्विवेदी से पूछताछ शुरू कर दी है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पहले भी इस पद पर हो चुकी है गिरफ्तारी
इससे पहले, इसी कुर्सी पर रहे तत्कालीन सहायक आयुक्त राजेश परिहार को 80,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। परिहार की गिरफ्तारी के बाद डी.के. द्विवेदी को इस पद का प्रभार दिया गया था।
सह आरोपी की संभावना
लोकायुक्त टीम ने यह भी जानकारी दी है कि इस मामले में एक सह आरोपी की भूमिका सामने आ सकती है। जांच में उसके शामिल होने की संभावना है।
शिक्षक से सहायक आयुक्त तक का सफर
मूल रूप से शिक्षक रहे डी.के. द्विवेदी वर्तमान में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास के प्रभार पर थे। उनकी इस गिरफ्तारी ने प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर कर दिया है।
भ्रष्टाचार पर आक्रोश
इस घटना से जिले में हड़कंप मच गया है। आम जनता और कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। लोग आदिवासी विकास विभाग में भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता को दोहराती है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है।








