सीधी:4 करोड़ के भवन निर्माण में नाबालिग बच्चे कर रहे मजदूरी, गुणवत्ता की अनदेखी
अमित श्रीवास्तव | पोल खोल, कुसमी

सीधी जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पोड़ी में करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन इस निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
निर्माण में हो रही लापरवाही
स्थानीय लोगों के अनुसार भवन निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। घटिया किस्म की रेत और कम मात्रा में सीमेंट मिलाकर मसाला तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, निर्माण स्थल पर कोई भी सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे ठेकेदार की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में पुस्तकें होनी चाहिए, उस उम्र में उन्हें पैसे का लालच देकर मजदूरी करवाई जा रही है। यह न केवल बाल श्रम कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता
जानकारी के अनुसार, यह भवन पीआईयू (लोक निर्माण विभाग) द्वारा स्वीकृत किया गया है और ठेकेदार के माध्यम से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई निरीक्षण नहीं किया जा रहा है, जिससे ठेकेदार मनमानी कर रहा है और नाबालिगों का शोषण हो रहा है।
स्थानीय लोगों की मांग – हो सख्त कार्रवाई
क्षेत्रीय नागरिकों ने शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, भवन निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की भी अपील की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
प्रशासन कब उठाएगा कदम?
इस मामले में प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई, तो यह न केवल सरकारी धन की बर्बादी होगी, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भी अन्याय होगा। देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक संज्ञान लेता है और दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है।








