मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 मई को सीधी दौरे पर, 180 करोड़ की विकास सौगात देंगे
लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरण और जनजातीय सम्मेलन में लेंगे भाग
सीधी, 14 मई 2025 — मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 मई को एक दिवसीय प्रवास पर सीधी जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे जिले को 180.24 करोड़ रुपये के विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात देंगे, साथ ही “लाड़ली बहना योजना” की मई माह की किस्त का सिंगल क्लिक से अंतरण कर लाभार्थियों को राशि वितरित करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आगमन दोपहर 12:55 बजे हेलीपैड सीधी पर होगा, जहाँ से वे सीधे सीधी खुर्द में आयोजित लाड़ली बहना योजना एवं हितग्राही सम्मेलन में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाभार्थी बहनों के बैंक खातों में योजना की राशि के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन, गैस सिलेंडर रिफिलिंग राशि और अन्य योजनाओं के अंतरण भी करेंगे। इसके बाद वे आमसभा को संबोधित करेंगे और विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे।
विकास कार्यों की सौगात:
सीधी खुर्द में:
- ₹92.52 करोड़ की लागत से 63 विकास कार्यों का शिलान्यास
- ₹19.40 करोड़ की लागत से 21 विकास कार्यों का लोकार्पण
- इसमें ग्रामीण सड़क विकास, नगरीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, ग्राम पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्य शामिल हैं।
मझौली में:
- ₹61.24 करोड़ की लागत से 37 विकास कार्यों का शिलान्यास
- ₹7.06 करोड़ की लागत से 6 विकास कार्यों का लोकार्पण
- मुख्य रूप से ग्रामीण सड़कें, भवन, पंचायत निर्माण एवं स्वास्थ्य से संबंधित कार्य सम्मिलित हैं।
मझौली में जनजातीय सम्मेलन:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मझौली के शासकीय महाविद्यालय के पास स्टेडियम में आयोजित जनजातीय सम्मेलन में भी मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा योजना अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम शाम 4:10 बजे मझौली से प्रस्थान कर 4:35 बजे रीवा एयरपोर्ट पहुंचने और फिर शाम 5:25 बजे भोपाल वापसी का रहेगा।
प्रशासन सतर्क, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए 14 मई की मध्यरात्रि से 15 मई रात 10 बजे तक चयनित मार्गों पर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और यातायात सुगमता बनी रहे।
यह दौरा न केवल जिले के विकास कार्यों में नई गति देने वाला साबित होगा, बल्कि महिलाओं, आदिवासियों और ग्रामीण जनता के कल्याण की दिशा में एक और सशक्त कदम के रूप में देखा जा रहा है।








