उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया जिला अस्पताल सीधी का निरीक्षण — बोले, मरीजों की सेवा ही डॉक्टरों का सबसे बड़ा धर्म
सीधी, 17 अक्टूबर 2025
मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुक्रवार को अपने सीधी प्रवास के दौरान जिला चिकित्सालय सीधी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद करते हुए अस्पताल में उपचार सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक श्रीमती रीती पाठक एवं विधायक देवकुमार सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल की चिकित्सा गतिविधियों, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि समाज में चिकित्सकों को भगवान का दर्जा प्राप्त है, इसलिए मरीजों के प्रति उनका व्यवहार संवेदनशीलता एवं सेवा भाव से परिपूर्ण होना चाहिए। श्री शुक्ल ने सभी डॉक्टरों एवं स्टाफ से समयपालन करने और मरीजों को समर्पित भाव से उपचार प्रदान करने की अपेक्षा की। उन्होंने इमरजेंसी कक्ष में ड्यूटी के अनुसार डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की सतत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि समय पर पंजीयन एवं नियमित जांचें अनिवार्य रूप से की जाएं, जिससे हाई रिस्क गर्भवती माताओं की पहचान समय रहते हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को आयोजित जांच शिविरों में महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा समुचित परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
श्री शुक्ल ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, साफ-सफाई और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र पूरी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करे।
उन्होंने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
सीधी जिला चिकित्सालय में हाल ही में 100 बिस्तरीय एमसीएच विंग प्रारंभ हुआ है, जिससे अस्पताल की क्षमता 300 से बढ़कर 400 बिस्तरों तक हो गई है। इसके संचालन हेतु आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जबकि आईपीएचएल लैब का निर्माण फरवरी 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। इसके शुरू होने से जिलेवासियों को 136 प्रकार की जांच सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती का मुद्दा भी प्रमुख रहा। श्री शुक्ल ने कहा कि राज्य स्तर पर स्वीकृत 16,000 आउटसोर्स पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाईकर्मी, सुरक्षा गार्ड, कंप्यूटर ऑपरेटर और मल्टी-स्किल्ड वर्कर जैसे पदों की भर्ती शीघ्र पूर्ण की जाए, जिससे अस्पताल की साफ-सफाई, सुरक्षा और संचालन में किसी प्रकार की बाधा न रहे।
उप मुख्यमंत्री ने विधायक श्रीमती रीती पाठक की अनुशंसा पर अस्पताल की अधोसंरचना एवं उपकरणों हेतु प्राप्त राशि के उपयोग की पारदर्शी जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन में पाई गई कमियों पर असंतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधार तत्काल करने को कहा।
अंत में उप मुख्यमंत्री ने सिविल सर्जन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर शासन की मंशानुसार उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं आमजन को प्रदान की जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस दौरान जनपद पंचायत सीधी के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह परिहार, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, एसडीएम राकेश शुक्ला, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबिता खरे, सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. खरे, इंद्र शरण सिंह चौहान, पंकज पाण्डेय सहित चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।








