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उठ जा मेरे लाल, तेरे बगैर मैं कैसे जिऊंगी’, दादा-दादी के बीच रखे नन्हें पोते का शव देख बिलख कर रोया परिवार

उठ जा मेरे लाल, तेरे बगैर मैं कैसे जिऊंगी’, दादा-दादी के बीच रखे नन्हें पोते का शव देख बिलख कर रोया परिवार

भोपाल। भोपाल में 6 माह के मासूम के मुंडन सेरेमनी की खुशियां मातम में बदल गई। दरअसल, शुक्रवार (11 मई) को देवी धाम सलकनपुर से लौट रहे एक ही परिवार के 6 सदस्यों की भैरव घाट पर हुए सड़क हादसे में मौत हो गई।

इस हादसे में 6 माह का नन्हा व्योम भी बुरी तरह घायल हुआ जिसने अस्पताल में इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया। बता दें कि इसी मासूम के मुंडन के लिए परिवार के 12 सदस्य एक प्राइवेट गाड़ी से सलकनपुर गए थे। इस हादसे के बाद से ही व्योम वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था।

जब नन्हें व्योम का हुआ अंतिम संस्कार

शुक्रवार को मृतक परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान वो मंजर काफी रुला देने वाला था जब छोला विश्राम घाट में नन्हें व्योम को अंतिम विदाई दी जा रही थी। उस मासूम का शव दाता राजेंद्र चौकसे और दादी उषा के शव के साथ बीच में रखा गया था। वहां मौजूद जिसने भी इस मंजर को देखा उसकी रूह कांप उठी और दिल से सभी के आंसू निकले। 

बच्चे के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। व्योम की बदहवास मां शिखा (35) अपने कलेजे के टुकड़े को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। वह व्योम के चेहरे को हाथ में लेकर बिलखते हुए बस एक ही रट लगाए जा रही थी- उठ जा मेरे लाल। तेरे बगैर मैं कैसे जियूंगी? आसपास के लोगों ने मां को व्योम से अलग कर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की। 

कैसे हुआ था हादसा?

डिवाइडर से टकराने के बाद कार पलट गई थी, जिससे कार चालक सहित सहित सात लोगों की मौत हो गई। परिवार ने अक्षय तृतीया के दिन बेटे का मुंडन और  देवीधाम सलकनपुर के दर्शन करने का प्लान बनाया था। इसके लिए पांडे परिवार के अलावा उनके रिश्तेदार सहित 11 लोग कार से सलकनपुर रवाना हुए थे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद पूरा परिवार घर लौट रहा था, तभी शाम लगभग 6 बजे देवी धाम की सड़क पर भैरव घाटी के मोड़ पर चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और कार सीदे कंक्रीट की दीवार से टकराकर पलट गई।

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