सड़क दुर्घटना और राहवीर योजना को लेकर सीधी कलेक्टर ने दिए निर्देश
सीधी।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने सड़क दुर्घटनाओं, विशेष रूप से अज्ञात वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में पीड़ितों को त्वरित सहायता राशि उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मोटरयान अधिनियम के संशोधित प्रावधानों के अनुसार अज्ञात वाहन से दुर्घटना की स्थिति में मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल को 50 हजार रुपये तक की सहायता दी जानी चाहिए।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे संबंधित एसडीओपी और थाना प्रभारियों से हादसे की जानकारी लेकर समस्त दस्तावेजों के साथ सहायता प्रकरण शीघ्र कलेक्टर कार्यालय भेजें। राहत शाखा के प्रभारी अधिकारियों को सात दिवस के भीतर सभी प्रकरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक केस के साथ एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बैंक खाता विवरण जैसे सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न किए जाएंगे। साथ ही, सभी प्रकरणों को मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में दर्ज कराया जाएगा।
कलेक्टर ने “राहवीर योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना के एक घंटे के “गोल्डन पीरियड” के भीतर पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता जताई ताकि आम नागरिक भी दुर्घटना पीड़ितों की मदद को आगे आएं।
साथ ही भारत सरकार की कैशलेस उपचार योजना 2025 के अंतर्गत पीड़ितों को दुर्घटना के सात दिनों तक चयनित अस्पतालों में 1.25 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार दिया जाएगा। यह योजना गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को त्वरित और सुलभ चिकित्सा सहायता दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के तहत पात्र लोगों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में आरटीओ आशुतोष सिंह भदौरिया ने इन योजनाओं के प्रावधानों की जानकारी दी। बैठक में अपर कलेक्टर अंशुमन राज, संयुक्त कलेक्टर एसपी मिश्रा, एसडीएम मझौली आर. पी. त्रिपाठी, एसडीएम सिहावल प्रिया पाठक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल पीड़ितों को त्वरित राहत देने में सहायक होगी, बल्कि आम नागरिकों में भी मानवता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देगी।








