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आज पचमढ़ी में होगी मोहन सरकार की चौथी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक

आज पचमढ़ी में होगी मोहन सरकार की चौथी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक, वीर भभूत सिंह को समर्पित

पचमढ़ी | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मोहन सरकार की चौथी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक आज मंगलवार, 3 जून को मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में दोपहर आयोजित की जाएगी। यह बैठक 1857 की क्रांति के गुमनाम नायक और गोरिल्ला युद्ध के जरिए अंग्रेजों को शिकस्त देने वाले वीर भभूत सिंह को समर्पित होगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर पचमढ़ी के बाल उद्यान का नाम भी वीर भभूत सिंह के नाम पर रखा जाएगा। बैठक को देखते हुए मोहन सरकार के मंत्रियों का आगमन पचमढ़ी में होना शुरू हो गया है। कुछ मंत्री जहां कल से ही पचमढ़ी पहुंच गए है वही बाकी आज पहुंच रहे हैं।

सरकारी नौकरी में रोजगार पंजीयन की बाध्यता हो सकती है खत्म

बैठक में युवाओं को राहत देते हुए सरकारी नौकरियों में रोजगार कार्यालय में पंजीयन की अनिवार्यता खत्म करने पर मुहर लग सकती है। वर्तमान में केवल वही अभ्यर्थी सरकारी नौकरी के लिए पात्र होते हैं, जो रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होते हैं।

श्रम कानूनों और किसानों के लिए फैसले संभव

राज्य सरकार श्रम कानूनों में केंद्र सरकार की तर्ज पर रियायतें देने पर विचार कर रही है। वहीं, किसानों को फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से जोड़ने के लिए अतिरिक्त सहूलियतें दी जा सकती हैं।

पचमढ़ी की आबादी से लगी वन भूमि पर प्रस्ताव को मिल सकती है मंजूरी

सरकार पहले ही पचमढ़ी और आसपास की आबादी से लगी बड़ी वन भूमि को अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर चुकी है। अब इस क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिलने की संभावना है, जिन्हें पूर्व में अनुमति नहीं थी।

मुख्यमंत्री करेंगे 33 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

सीएम डॉ. मोहन यादव सुबह 10:30 बजे पचमढ़ी पहुंचेंगे, जहां वे पर्यावरण विकास निगम द्वारा 33 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें “पॉलिथिन मुक्त पचमढ़ी” अभियान के तहत कांच की बोतलों में आरओ पानी के प्लांट की स्थापना जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा वे 12.49 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण तथा 21.39 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे।

ऐतिहासिक राजभवन में पहली बार होगी कैबिनेट बैठक

पचमढ़ी मध्यप्रदेश के गठन से पहले सीपी बरार की ग्रीष्मकालीन राजधानी रह चुकी है। यहां का ऐतिहासिक राजभवन एक प्रतीक रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश बनने के बाद पहली बार इसी परिसर में कैबिनेट बैठक आयोजित की जा रही है।

राजस्व विभाग में हो सकता है बड़ा बदलाव

कैबिनेट बैठक में राजस्व विभाग के दो प्रमुख कार्यालय—भोपाल स्थित प्रमुख राजस्व आयुक्त और ग्वालियर स्थित भू-अभिलेख आयुक्त—को एकीकृत करने पर फैसला लिया जा सकता है। दोनों कार्यालयों के कार्य समान प्रकृति के हैं, और इनके विलय से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में समन्वय और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।

अब तक तीन डेस्टिनेशन कैबिनेट

मोहन सरकार इससे पहले तीन डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकें कर चुकी है—पहली दमोह के सिंग्रामपुर में रानी दुर्गावती की स्मृति में, दूसरी महेश्वर में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की याद में और तीसरी इंदौर के राजबाड़ा में भी देवी अहिल्या बाई को समर्पित रही।

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