✍️ सीधी
सीधी जिले में मंगलवार की सुबह एक हृदय विदारक घटना सामने आई जब वन विभाग के स्थायी कर्मचारी राम सजीवन कुशवाहा का शव जिला न्यायालय के पीछे स्थित वन विभाग के क्वार्टर के पास एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया। इस आत्महत्या ने न केवल विभागीय सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि एक सरकारी कर्मचारी की दर्दनाक स्थिति को भी उजागर किया है।
???? तीन पन्नों का सुसाइड नोट — आरोपों से भरा दस्तावेज़
मृतक की जेब से मिले तीन पन्नों के सुसाइड नोट ने इस मामले को गंभीर बना दिया है। नोट में राम सजीवन ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वे सीने में दर्द और पेशाब में जलन जैसी बीमारियों से परेशान थे। इसके अलावा उन्होंने पारिवारिक तनाव, बेटी को ससुराल में प्रताड़ना, कर्ज के ब्याज का बढ़ता बोझ और सबसे अहम जेडी साहब द्वारा लगातार मानसिक प्रताड़ना को अपनी आत्महत्या का कारण बताया है।
नोट में उन्होंने लिखा—
“अब सहन नहीं होता। शरीर जवाब दे चुका है, और मन से भी टूट गया हूं। बेटी के हालात, बीमारी और ऊपर से अफसरों का व्यवहार, सब मिलकर मुझे मार रहे हैं। अब और नहीं झेला जाता।”
???? परिजनों का बयान: छुट्टी नहीं, उल्टे नोटिस मिला
राम सजीवन की पत्नी सुमित्रा कुशवाहा ने मीडिया को बताया कि उनके पति की पोस्टिंग पहले मझौली में थी, लेकिन बाद में उन्हें सीधी अटैच कर दिया गया। वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और नियमित इलाज की आवश्यकता थी। उन्होंने अधिकारियों से छुट्टी की गुहार भी लगाई, लेकिन उन्हें न तो छुट्टी दी गई, न ही हालात समझे गए, बल्कि अनुपस्थिति के नाम पर कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया।
सुमित्रा ने रोते हुए कहा, “उन्होंने कई बार कहा कि अब शरीर साथ नहीं दे रहा, लेकिन अफसर काम के लिए दबाव बनाते रहे। बीमारी और मानसिक दबाव ने उन्हें तोड़ दिया।”
???????? अधिकारियों की सफाई: ड्यूटी से नदारद थे
इस मामले में जब वन मंडल अधिकारी (DFO) राजेश कन्ना टी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि राम सजीवन बिना किसी सूचना के पांच दिन से ड्यूटी से अनुपस्थित थे, इसलिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। डीएफओ ने यह भी कहा कि आत्महत्या के पीछे संभवतः पारिवारिक तनाव कारण हो सकता है।
हालांकि सुसाइड नोट में लिखे गए आरोपों पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
????️♂️ पुलिस जांच में जुटी, परिजनों की मांग – अफसरों पर कार्रवाई हो
सीधी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। परिजनों और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है और








