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बाढ़ ने छीन लिया मां का संसार — 132 नवजात घड़ियाल बहे, मादा की मूक चीख ने झकझोर दिया सीधी को

बाढ़ ने छीन लिया मां का संसार — 132 नवजात घड़ियाल बहे, मादा की मूक चीख ने झकझोर दिया सीधी को

✍️  सीधी | 16 जुलाई 2025

सीधी जिले के सोन घड़ियाल अभयारण्य से एक मर्मस्पर्शी और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। जोगदह घाट पर रहने वाली एक मादा घड़ियाल अपने 132 नवजात बच्चों की तलाश में तड़प रही है। बाणसागर बांध से छोड़े गए तेज जल बहाव ने उसकी पूरी संतति को लील लिया। अब वह मादा दिनभर उस जगह के चक्कर काट रही है, जहां कभी बच्चों की चहचहाहट थी — अब सिर्फ बहाव की लहरें और मां की मूक चीख है।


???? क्या हुआ था 12 जुलाई को?

12 जुलाई को बाणसागर डैम के सात गेट खोलने से सोन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
???? 2660 क्यूसेक की दर से बहते पानी ने नवजात घड़ियालों को बहा दिया, जो मई-जून में सात मादा घड़ियालों द्वारा दिए गए अंडों से निकले थे।
???? ये सभी बच्चे करीब डेढ़ फीट लंबे और मात्र दो माह के थे।

वन विभाग के अनुसार, घड़ियालों की ये नई पीढ़ी पूरे मध्यप्रदेश में संरक्षण प्रयासों की रीढ़ थी, जो अब बहाव में गायब हो चुकी है।


???? मादा घड़ियाल की ममता — एक मूक संदेश

जोगदह घाट पर रह रही मादा घड़ियाल हर रोज पानी के किनारे टकटकी लगाए देख रही है, मानो कह रही हो:

“कहीं दिख जाएं मेरे लाल… कोई तो लौट आए”

यह दृश्य केवल जीव विज्ञान नहीं, ममता और मातृत्व की सबसे सजीव मिसाल है। अब यह मादा अकेली है — और उसके बच्चे, बाढ़ की बलि चढ़ चुके हैं।


???? नर घड़ियाल भी बहा, यूपी के चोपन में मिला

सोन घड़ियाल अभयारण्य का इकलौता नर घड़ियाल भी इस तेज बहाव में बहकर उत्तर प्रदेश के चोपन तक पहुंच गया है।
???? उसकी लोकेशन मिल गई है, लेकिन 132 बच्चों में से कोई अब तक नहीं मिल सका।


???? संवेदनशील इलाका, लेकिन तैयारी नाकाफी

यह घटना साबित करती है कि —

  • अभयारण्य क्षेत्र में पूर्व सूचना तंत्र कमजोर था
  • बाढ़ के दौरान घड़ियाल संरक्षण के कोई विशेष इंतज़ाम नहीं किए गए
  • प्राकृतिक प्रजनन स्थलों को कोई सुरक्षित नहीं किया गया

???? वन अधिकारी बोले — खोज जारी है

???? रेंजर मनीराम धुर्वे, सोन अभयारण्य, सीधी ने बताया:

“टीमें लगातार तलाशी कर रही हैं। लेकिन पानी का बहाव तेज है। अभी तक एक भी बच्चा नहीं मिला। मादा घड़ियाल की यह हालत हमें संवेदनशील सोच और सतर्क प्रबंधन की ओर इशारा करती है।“

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