सीधी-जोगीपुर बाईपास पर दर्दनाक हादसा: बल्कर वाहन की चपेट में आए पति की मौके पर ही मौत, पत्नी घायल
सीधी, 21 जुलाई 2025।
सीधी जिले में एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। सीधी-जोगीपुर बाईपास पर सोमवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें ग्राम कुकुड़ीझर निवासी अन्नपूर्णा विश्वकर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक अन्नपूर्णा विश्वकर्मा अपनी पत्नी के साथ बाइक पर सवार होकर सीधी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बल्कर वाहन (क्रमांक MP19 HA 5928) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद वह सीधे वाहन के पिछले टायर के नीचे आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई। वहीं उनकी पत्नी का एक पैर टूट गया और उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस ने निभाई त्वरित जिम्मेदारी, शव भेजा गया पीएम के लिए

सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। वहीं मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बल्कर वाहन को कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश जारी है।
मौके पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष, परिजनों से की मुलाकात
हादसे की जानकारी मिलते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष ज्ञान प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और शोकसंतप्त परिजनों से मिलकर संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने सरकार से मृतक के परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा राशि और एक परिजन को शासकीय नौकरी दिए जाने की मांग की है।
श्री सिंह ने कहा, “यह बेहद दुखद और असहनीय घटना है। प्रशासन को चाहिए कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और न्याय दिलाया जाए।”
अनियंत्रित रफ्तार बन रही हादसों की वजह

गौरतलब है कि सीधी जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जोगीपुर बाईपास जैसे व्यस्त मार्गों पर सुरक्षा उपायों का अभाव, वाहनों की तेज रफ्तार और ओवरलोडेड ट्रक बल्कर आए दिन निर्दोष लोगों की जान ले रहे हैं।
समाज में शोक की लहर
अन्नपूर्णा विश्वकर्मा की असामयिक मृत्यु से ग्राम कुकुड़ीझर समेत समूचे क्षेत्र में शोक की लहर है। सभी ने उनके सरल स्वभाव और मिलनसारिता को याद कर नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।








